तूफान से क्षतिग्रस्त सड़कें-पुल तत्काल सुधारें, कहीं भी आवाजाही बाधित न हो : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर, 27 सितंबर 2026। प्रदेश में लगातार हुई बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और पुल-पुलियों को जल्द दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्य में किसी तरह की देरी न हो और लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।
24 से 26 सितंबर तक हुई लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी। कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के बाद मार्गों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। पानी उतरने के साथ ही विभाग ने क्षति का आकलन और मरम्मत की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
10 दिनों में तैयार होंगे पुनर्निर्माण के प्रस्ताव
लोक निर्माण विभाग के मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने तथा नुकसान का तत्काल आकलन करने को कहा गया है। जहां मौजूदा अनुबंध के तहत संबंधित एजेंसी या ठेकेदार से मरम्मत संभव है, वहां तत्काल काम शुरू कराकर यातायात बहाल किया जाएगा।
जिन स्थानों पर अधिक नुकसान हुआ है और पुनर्निर्माण या विशेष मरम्मत की जरूरत है, वहां प्राक्कलन तैयार कर 10 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थायी सुधार पर रहेगा जोर
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बारिश और एफडीआर से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत केवल अस्थायी रूप से नहीं की जाए, बल्कि जरूरत के अनुसार स्थायी सुधार कराया जाए। इसके लिए टो-वॉल, कांक्रीट रोड, पुलों के वियरिंग कांक्रीट और रेलिंग समेत अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
सक्षम अधिकारियों को सड़कों और पुलों के सुधार से संबंधित एस/आर (एफडीआर) की स्वीकृति प्राथमिकता से जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। शासन ने आवश्यक मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की बात कही है।



