
गरियाबंद। जन्मदिन यानी खुशियां, शुभकामनाएं और जश्न। लेकिन गरियाबंद भाजपा जिला मंत्री एवं झाखरपारा मंडल प्रभारी डॉ. मनीष कुमार सिन्हा ने अपने जन्मदिन को एक अलग ही मायने दे दिया। केक और उत्सव से आगे बढ़कर उन्होंने इस खास दिन को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सम्मान के नाम किया।माता रेवती देवी स्मृति फाउंडेशन के पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत जन्मदिन के अवसर पर 100 पौधों का रोपण किया गया। इस पहल के जरिए लोगों को संदेश दिया गया कि खुशियों के मौके को यदि समाज और प्रकृति के हित से जोड़ दिया जाए, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक कायम रहता है।
जन्मदिन पर 100 पौधे, भविष्य के नाम एक संदेशपौधारोपण के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए कहा कि पौधा लगाना महज शुरुआत है, असली जिम्मेदारी उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखने की है।कार्यक्रम से “आज का पौधा, कल की सांस” और “एक पौधा लगाएं, आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा का उपहार दें” जैसे संदेश सामने आए।
पौधों के साथ सम्मान की हरियाली भीकार्यक्रम को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा गया। क्षेत्र में सामाजिक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रमुखों, कोटवारों, ग्राम पुजारियों एवं सिरहाओं, विभिन्न समाजों के प्रमुखों, सरपंचों, जनपद सदस्यों और प्रबुद्धजनों का सम्मान किया गया।इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सम्मान और सामुदायिक सहभागिता का संदेश भी दिया गया।
ये रहे प्रमुख अतिथिकार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र कश्यप, प्रदेश संयोजक भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ, गौरी शंकर कश्यप, अध्यक्ष जिला पंचायत गरियाबंद, नेहरू निषाद, अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आयोग छत्तीसगढ़, भोगराज ध्रुव, थाना प्रभारी अमलीपदर, गुरुनारायण तिवारी, जिला उपाध्यक्ष भाजपा गरियाबंद तथा हलमन ध्रुव, सरपंच संघ अध्यक्ष एवं किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष भाजपा गरियाबंद की गरिमामयी उपस्थिति रही।वहीं जयराम मांझी, सरपंच बीरीघाट एवं आनंद यादव, ग्राम प्रमुख/वरिष्ठ के विशेष सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पौधा लगाने से आगे, उसे बचाने का संकल्पकार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज लगाया गया पौधा आने वाले वर्षों में किसी के लिए छांव बनेगा, किसी के लिए शुद्ध हवा का सहारा और पर्यावरण के लिए एक मजबूत आधार। इसलिए पौधारोपण के साथ पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
जन्मदिन की खुशी बनी सामाजिक सरोकारडॉ. मनीष कुमार सिन्हा के जन्मदिन पर आयोजित यह पहल इस बात का उदाहरण बनी कि व्यक्तिगत खुशी को यदि सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ दिया जाए, तो एक छोटा प्रयास भी बड़ा संदेश बन सकता है।एक तरफ 100 पौधों के जरिए हरियाली का संकल्प, तो दूसरी ओर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों का सम्मान—कार्यक्रम ने पर्यावरण और सामाजिक सरोकार, दोनों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया।कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, प्रबुद्धजनों और नागरिकों ने डॉ. मनीष कुमार सिन्हा को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।जन्मदिन पर संदेश साफ था—खुशियां एक दिन की हो सकती हैं, लेकिन लगाया गया पौधा आने वाली पीढ़ियों तक अपनी छांव देता है।






