Follow Us on Our Social Media
छत्तीसगढ़
Trending

मुन्नी का हौसला, एम हेल्प वॉटर की धार, महालक्ष्मी समूह से रोजगार की बहार

पीएमईजीपी से शुरू किया पैक्ड पेयजल प्लांट, खुद बनीं आत्मनिर्भर और 10 लोगों को दिया रोजगार

Follow Us on Our Social Media

(एल.डी. मानिकपुरी सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

कोरिया / सेवा संकल्प अभियान केवल सेवा कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आत्मनिर्भर और सशक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी है। इसी भावना को ग्राम डुमरिया की श्रीमती मुन्नी बाई राजवाड़े अपने उद्यम के माध्यम से साकार कर रही हैं। कभी खेतों में मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके परिवार चलाने वाली मुन्नी बाई आज सरकारी योजनाओं के सहयोग से सफल महिला उद्यमी बन चुकी हैं। बिहान योजना से स्वयं सहायता समूह का संबल मिला, प्रशिक्षण से आत्मविश्वास बढ़ा और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ने उनके सपने को कारोबार में बदलने का आर्थिक आधार दिया। आज वे स्वयं आत्मनिर्भर हैं और करीब 10 लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।

’समूह से जुड़कर मिली उद्यम की राह’’
मुन्नी बाई बिहान योजना के अंतर्गत महालक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका गतिविधियों का प्रशिक्षण मिला। रायपुर में प्रशिक्षण के दौरान उन्हें पीएमईजीपी की जानकारी मिली। योजना से प्रभावित होकर उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र पहुंचकर विस्तृत जानकारी ली और अपना व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।

परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्होंने गांव में जमीन लेकर पैक्ड पेयजल प्लांट स्थापित करने का फैसला किया। कई महीनों की प्रक्रिया के बाद पीएमईजीपी के तहत करीब 25 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। ऋण एवं उपलब्ध सहायता से शेड, बाउंड्री और बोरवेल सहित आवश्यक व्यवस्था तैयार की गई। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने ‘एम हेल्प वॉटर’ पैक्ड पेयजल प्लांट शुरू किया।

एक उद्यम से 10 लोगों को रोजगार
मुन्नी बाई का व्यवसाय अब केवल उनके परिवार की आजीविका तक सीमित नहीं है। प्लांट में उनके पति, बेटा-बेटी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा अन्य कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।करीब 10 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है और कर्मचारियों को 6 से 9 हजार रुपये तक प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। पानी की गुणवत्ता जांच से लेकर बोतल भरने और पैकेजिंग तक के कार्य के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही रोजगार और नए कौशल का अवसर मिला है।

गांव से कई जिलों तक पहुंचा कारोबार
मुन्नी बाई के अनुसार पिछले एक वर्ष में करीब एक से डेढ़ लाख पानी की बोतलों की पैकिंग की जा चुकी है। बैकुण्ठपुर के साथ मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, अंबिकापुर, प्रतापपुर, विश्रामपुर, सूरजपुर, भैयाथान और कुदरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में ‘एम हेल्प वॉटर’ की आपूर्ति की जा रही है।

महालक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद मिली वित्तीय सहायता, बैंक लिंकेज, प्रशिक्षण और उद्योग विभाग के अभिसरण से पीएमईजीपी का सहयोग उनके उद्यम की सफलता में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

मुन्नी बाई प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि पीएमईजीपी जैसी योजनाओं ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया। सरकारी सहयोग और मार्गदर्शन से आज वे अपने पैरों पर खड़ी हैं और दूसरों को भी रोजगार दे पा रही हैं।

मुन्नी बाई की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जब जनभागीदारी, संकल्प और मेहनत से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव एक परिवार से आगे बढ़कर पूरे समाज तक पहुंचता है। एक महिला आत्मनिर्भर बनती है, रोजगार के अवसर पैदा करती है और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहभागी बनती है।

सेवा संकल्प अभियान की भावना भी यही है
सेवा के साथ जनभागीदारी, आत्मनिर्भरता विकसित समाज के निर्माण में हर व्यक्ति की भागीदारी। मुन्नी बाई इसी संकल्प की एक प्रेरक तस्वीर हैं।

mahipal sao

वर्ष 2025 में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। इसके पश्चात पत्रकारिता के… More »

Related Articles

Back to top button