बस्तर के वनोपज को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार, ‘दण्डक ब्रांड’ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की तैयारी

रायपुर, 15 अक्टूबर 2026। बस्तर के प्राकृतिक वनोपज और स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड की पदाधिकारियों और महिला सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के अंतर्गत जैविक प्रमाणन प्राप्त होने पर बधाई दी। उन्होंने ‘दण्डक ब्रांड’ के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की।
दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में हुई मुलाकात के दौरान महिला सदस्यों ने उप मुख्यमंत्री को दण्डक ब्रांड के चावल का पैकेट भेंट किया। श्री शर्मा ने कंपनी की गतिविधियों, उत्पादों की बिक्री, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जैविक प्रमाणन मिलने के बाद कंपनी के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहिए।
दण्डक और छत्तीसकला ब्रांड को जोड़ने की संभावना
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने दण्डक ब्रांड को राज्य के ‘छत्तीसकला’ ब्रांड से जोड़कर व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही, विदेशों में निर्यात के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक वनोपज की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ स्थानीय महिलाओं और वनोपज संग्राहकों तक पहुंचना चाहिए, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और आजीविका के नए अवसर विकसित हों।
1,080 महिला शेयरधारकों से जुड़ी कंपनी, दो साल में एक करोड़ से अधिक कारोबार
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत वर्ष 2023 में दंतेवाड़ा जिले में माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड का गठन किया गया था। कंपनी को हाल ही में वनोपज के लिए एनपीओपी प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह प्रदेश में बिहान मिशन के अंतर्गत गठित पहली किसान उत्पादक कंपनी है, जिसे वनोपज के लिए यह प्रमाणन मिला है।
वर्तमान में कंपनी से 1,080 महिला शेयरधारक प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा जिले के 60 उत्पादक समूहों से संबंधित 2,100 वनोपज संग्राहक महिलाएं भी कंपनी की गतिविधियों से लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया है।
कंपनी के माध्यम से महिलाओं को वनोपज संग्रहण, खरीदी-बिक्री, मूल्य संवर्धन और विपणन के क्षेत्र में आजीविका के अवसर मिल रहे हैं। जैविक प्रमाणन से उत्पादों की बाजार में पहचान मजबूत होने और बेहतर मूल्य मिलने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
‘दण्डक ब्रांड’ से स्थानीय उत्पादों को मिल रही पहचान
माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी ने स्थानीय उत्पादों को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ‘दण्डक ब्रांड’ की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत एचएमटी, लाल चूड़ी और बासमती चावल के साथ नीम फूल, अमचूर, इमली, महुआ, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर विपणन किया जा रहा है।
कंपनी ने दंतेवाड़ा में विशेष बिक्री केंद्र भी शुरू किया है, जहां स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इससे उत्पादकों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच मिल रहा है और स्थानीय वनोपज को नई पहचान मिल रही है।
जैविक खेती और स्थानीय संसाधनों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के विकास के लिए स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को प्रोत्साहित कर रही है। जिन गांवों में परंपरागत रूप से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है, वहां के कृषि उत्पादों और वनोपज को निर्धारित मानकों के अनुरूप जैविक प्रमाणन दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
कंपनी की अध्यक्ष श्रीमती विमला ठाकुर ने बताया कि पहले महिलाओं द्वारा संग्रहित वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों तक सीमित थी। बिहान मिशन के सहयोग से दण्डक ब्रांड की शुरुआत और अब एनपीओपी प्रमाणन मिलने से महिलाओं में उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि इससे उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेंगे और बेहतर कीमत मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एम. भार्गव सहित कंपनी की अध्यक्ष श्रीमती विमला ठाकुर, कोषाध्यक्ष श्रीमती सरिता ठाकुर, सचिव श्रीमती मीना ठाकुर और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



