स्कूल में साड़ी का झूला बना मौत का फंदा, चौथी के 10 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत

बसना। बसना विकासखंड अंतर्गत मुड़ीडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल परिसर में पेड़ पर साड़ी बांधकर बनाए गए अस्थायी झूले पर खेलते समय कक्षा चौथी के 10 वर्षीय छात्र की गले में साड़ी फंसने से मौत हो गई।
मासूम की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। वहीं, घटना के समय शिक्षकों की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
मृतक की पहचान तरुण चौहान, पिता सेत कुमार चौहान, निवासी मुड़ीडीह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह स्कूल शुरू होने से पहले बच्चे परिसर में खेल रहे थे। इसी दौरान तरुण अपने साथियों के साथ पेड़ पर बंधे साड़ी के झूले पर झूल रहा था। अचानक उसका पैर फिसल गया और साड़ी उसके गले में फंस गई। इससे उसका दम घुट गया। बच्चों के शोर मचाने पर घटना की जानकारी मिली, लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी।
स्कूल खुलने से पहले परिसर में खेल रहे थे बच्चे
भंवरपुर चौकी प्रभारी अंजना चंद्रा के अनुसार, स्कूल खुलने का निर्धारित समय सुबह 10 बजे है। घटना वाले दिन सहायिका सुबह करीब 9:30 बजे स्कूल खोलकर चली गई थी, जबकि शिक्षक अभी तक स्कूल नहीं पहुंचे थे। इसी दौरान बच्चे स्कूल परिसर में खेल रहे थे और हादसा हो गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। स्कूल परिसर में बच्चों का साड़ी से बनाए गए झूले पर खेलना और उस दौरान निगरानी की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की समय पर उपस्थिति महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि हादसे के समय परिसर में बच्चों की देखरेख की व्यवस्था कैसी थी और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
फिलहाल हादसे की जिम्मेदारी और उससे जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। मासूम छात्र की मौत ने परिवार के साथ पूरे गांव को गहरे शोक में डाल दिया है।



