रायपुर, 24 अगस्त 2026। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें 101 सिविल और 10 विद्युत/यांत्रिक अभियंता शामिल हैं।

प्रमुख अभियंता कार्यालय ने नियुक्ति के साथ ही सभी चयनित अभ्यर्थियों की पदस्थापना भी कर दी है। चयनितों को आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित पदस्थापना कार्यालय में अनिवार्य रूप से ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होने पर नियुक्ति स्वतः निरस्त मानी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई प्रक्रिया

विभाग में उप अभियंता भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने अप्रैल 2025 में लिखित परीक्षा आयोजित की थी। उप अभियंता सिविल के 118 और विद्युत/यांत्रिकी के 10 पदों के लिए परीक्षा ली गई थी। परिणाम जारी होने के बाद जुलाई 2025 में मेरिट सूची के आधार पर दस्तावेज परीक्षण और पदस्थापना विकल्प के लिए काउंसलिंग भी कराई गई थी।

हालांकि, उच्चतम न्यायालय में प्रकरण लंबित होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। 20 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रकरण का निराकरण किए जाने के बाद उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई।

विभाग ने इसके बाद प्रथम चरण में अनुशंसित चयन सूची के आधार पर 101 सिविल तथा 10 विद्युत/यांत्रिकी उप अभियंताओं के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए।

जल जीवन मिशन के कामों को मिलेगी गति

उप मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने बड़ी संख्या में युवा इंजीनियरों की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवा इंजीनियरों की ऊर्जा और तकनीकी दक्षता का लाभ विभाग को मिलेगा। इससे विभागीय कार्यों के साथ विशेष रूप से जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से प्रकरण के निराकरण के तत्काल बाद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं।

मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य

विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग के समय शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, स्थायी जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा मूल तकनीकी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र के साथ कक्षा 10वीं की अंकसूची, जिसमें जन्मतिथि अंकित हो, अथवा मूल जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है।