
जशपुरनगर। जिले में कुनकुरी- मयाली स्थित सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को संगीतमय वातावरण में संबोधित करते हुए कहा कि, भोले बाबा… ने बहुत दे दिया है.. तेरा शुक्रिया है।
शनिवार को शिव महापुराण के दूसरे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में मनुष्य को मांस, मंदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहने का आग्रह किया। शिव की आराधना, शिव की भक्ति में मन लगाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भोजन करते समय अपना पानी स्वयं रखें उसके बाद ही भोजन करें। इससे तीन प्रकार की बीमारी ठीक हो जाती है। पहला घुटने का दर्द, दूसरा रीढ़ की हड्डी का दर्द और तीसरा सर का दर्द दूर हो जाता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कैलाश पर्वत पर नन्दी भोले बाबा के प्रिय क्यों हैं उनकी महत्ता बताई। भक्तों को पंडित मिश्रा ने बताया कि, कोई काम बहुत समय से सफल नहीं हो पा रहा है तो एक काम करो शिव की भक्ति करो। भक्तों को अहंकार से दूर रहने और अपने भीतर के बुरे विकारों को भी दूर करने के लिए कहा।
सीएम की धर्मपत्नी कौशल्या साय भी पहुंची कथा सुनने
कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।