कृषि में नवाचार की असीमित संभावनाएं, स्टार्टअप के लिए आगे आएं युवा : नेताम
यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का समापन, तीन स्टार्टअप को मिला पुरस्कार

रायपुर, 30 सितंबर 2026। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि भारत में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप के लिए असीमित संभावनाएं हैं। युवाओं को कृषि क्षेत्र की संभावनाओं को पहचानकर अपने नवाचारी विचारों के साथ स्टार्टअप शुरू करने के लिए आगे आना चाहिए। इससे कृषि के साथ-साथ देश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
कृषि मंत्री बुधवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन 28 से 30 सितंबर तक आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, आईआईआईटी नया रायपुर, सीजीकॉस्ट, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी और नाबार्ड के सहयोग से आयोजित किया गया।
युवाओं को नौकरी देने वाला उद्यमी बनाने पर जोर
मंत्री नेताम ने कहा कि केंद्र सरकार स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी योजनाओं के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार भी निपुण जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को स्टार्टअप और लघु-मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी तलाशने के बजाय नवीन तकनीक और नए विचारों के साथ कृषि आधारित उद्यम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
24 स्टार्टअप ने किया नवाचार का प्रदर्शन
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि कॉन्क्लेव में 1,200 से अधिक युवा विद्यार्थी और नवाचारी उद्यमी शामिल हुए। आयोजन में 24 स्टार्टअप ने अपने नवाचार, तकनीक और समाधान प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों, स्टार्टअप, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और संस्थाओं को एक मंच पर जुड़ने का अवसर मिला।
कॉन्क्लेव का उद्देश्य युवाओं को आवश्यक मेंटोरशिप, निवेश, तकनीकी सहयोग, बौद्धिक संपदा संरक्षण, वित्तीय एवं बाजार संबंधी सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना रहा।
तीन स्टार्टअप सम्मानित
स्टार्टअप पिचिंग सत्र में सर्वश्रेष्ठ नवाचारी विचार प्रस्तुत करने वाले तीन उद्यमियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त स्टार्टअप को 1 लाख रुपये, दूसरे को 75 हजार रुपये और तीसरे स्थान वाले स्टार्टअप को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, संचालक कृषि राहुल देव सहित कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी, वैज्ञानिक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



