
नई दिल्ली। भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स इतिहास रचा है। उन्होंने एक बार फिर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। सुनीता तीसरी बार अपने एक सहयोगी के साथ अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं। दोनों ने बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की यात्रा की है। इसके साथ ही दोनों ने इतिहास रचा है।
5 जून को शुरू हुआ सुनीता का अंतरिक्ष अभियान
सुनीता विलियम्स का स्टारलाइनर अभियान 5 जून को केप कैनावेरल अंतिक्ष स्टेशन से शरूहुआ। भारतीय समयानुसार यह अभियान रात 8 बजकर 22 मिनट पर शुरू हुआ। यह यान अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में 6 जून रात 9 बजकर 45 मिनट पर पहुंचेगा। इस अभियान में विलियम्स के साथ उनके सहयोगी बुच विल्मोर भी गए हैं।
ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनीं
बताया गया है कि बोइंग स्टारलाइनर यान की उड़ान में कई बार, कई वजहों से दरी हुई। आखिरकार, फ्लोरिडा के केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से इस यान की रवानगी हुई। इस तरह के मिशन पर जाने वाली सुनीता विलियम्स दुनिया की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बन गईं हैं। मई 1987 में सुनीते ने अमेरिका की नौसेना अकादमी से प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद वे अमेरिका की नौसेना से जुड़ीं थीं। 1998 में उन्हें नासा द्वारा अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था। इससे पहले वर्ष 2006 और वर्ष 2012 में सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बन चुकीं हैं।