
बसना। खेती-किसानी के सबसे महत्वपूर्ण दौर में जहां किसानों को खाद एवं किसान पंजीयन के लिए समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, ऐसे समय में जिला सहकारी बैंक बसना अंतर्गत आने वाली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित खरोरा, सिंघनपुर, गौरटेक और संकरी के कर्मचारी 15 अगस्त के बाद से एक साथ तीर्थ यात्रा पर होने की बात सामने आई है।
आरोप है कि कर्मचारियों के एक साथ बाहर रहने से इन समितियों में ज्यादातर समय ताला लटका रहा और किसानों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब खरीफ सीजन अपने चरम पर है, तब किसानों से जुड़े चार महत्वपूर्ण केंद्रों की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारी बिना वैधानिक छुट्टी के एक साथ कैसे अनुपस्थित रहे?
खाद से लेकर धान पंजीयन तक किसान परेशान
खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान बिक्री पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है। किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, रकबा सुधार, फसल बीमा, सहित कई जरूरी कार्यों के लिए समितियों में पहुंचना पड़ रहा है। दूसरी ओर, खेतों में खाद की जरूरत भी बनी हुई है। ऐसे समय में समिति में जिम्मेदार कर्मचारी नहीं मिलने से किसानों को निराश होकर लौटना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि समिति केवल खाद वितरण का केंद्र नहीं है, बल्कि धान खरीदी से जुड़े पंजीयन और रिकॉर्ड सुधार जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी यहीं होते हैं। ऐसे में इन चारों समितियों के समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति सीधे किसानों की परेशानी बढ़ा रही है।
संवाददाता ने 20 अगस्त को किया दौरा, समितियों में लटका मिला ताला
मामले की पड़ताल के लिए हमारे संवाददाता ने गुरुवार 20 अगस्त 2026 को दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक खरोरा, सिंघनपुर, गौरटेक और संकरी की संबंधित समितियों का दौरा किया। इस दौरान समितियों में ताला लटका मिला और कोई जवाबदार कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। इससे कर्मचारियों के एक साथ अनुपस्थित रहने के आरोपों को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
गौरटेक के कृषक वासुदेव नायक, महादेव निर्मलकर, हेमंत नायक और रोहिदास नायक ने बताया कि समिति के जिम्मेदार कर्मचारी तीर्थ यात्रा पर गए हुए हैं। किसानों का कहना है कि कर्मचारियों की यात्रा से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया और उनके मोबाइल से भी सामने आ रही है। किसानों ने सवाल उठाया कि व्यक्तिगत धार्मिक यात्रा पर जाने में किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन एक साथ कई जिम्मेदार कर्मचारियों का ऐसे समय में अनुपस्थित रहना उचित नहीं है।
4 समिति के ये कर्मचारी यात्रा में
खरोरा प्रभारी समिति प्रबंधक एवं कम्यूटर ऑपरेटर सदानंद नायक, सिंघनपुर प्रभारी समिति प्रबंधक अर्जुन नर्मदा, कम्यूटर ऑपरेटर पुरंदर पटेल, गौरटेक प्रभारी समिति प्रबंधक रघुवीर पटेल, कम्यूटर ऑपरेटर रूपेश नायक, संकरी प्रभारी समिति प्रबंधक निराकार पटेल सहित अन्य।
ग्राम पंचायतों के ग्रामसभा के दिन भी नहीं दिखे कर्मचारी
महासमुंद जिले में 20 अगस्त को ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभा का आयोजन भी किया गया था। इस दौरान किसानों को किसान पंजीयन, शासन की योजनाओं और कृषि से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी देने में संबंधित अमले की भूमिका महत्वपूर्ण थी। ऐसे में समितियों के कर्मचारियों की अनुपस्थिति ने व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अब देखना होगा कि क्या चारों समितियों के जिम्मेदार कर्मचारियों ने सक्षम अधिकारी से विधिवत छुट्टी ली थी। यदि बिना छुट्टी के इतने दिनों तक उनकी गैरमौजूदगी रही है तो इस मामले में क्या कार्रवाई होती है, यह भी जांच का विषय है। जहां खेतों में किसान पसीना बहा रहा था और समितियों के दरवाजों पर ताले लटक रहे थे। अब देखना यह है कि जांच की चाबी से यह ताला खुलता है या जिम्मेदारी भी किसानों की तरह दर-दर भटकती रहती है।
मामले में जिला सहकारी बैंक बसना के शाखा प्रबंधक पीआर डड़सेना ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा लिखित में कोई छुट्टी नहीं ली गई है।






