
बसना। सावन मास के चतुर्थ एवं अंतिम सोमवार के अवसर पर बसना क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। नीलांचल सेवा समिति के तत्वावधान में उड़ीसा के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नरसिंहनाथ से बसना के ऐतिहासिक शिव मंदिर तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई।
क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कांवड़ यात्रा में हजारों शिवभक्त शामिल हुए। करीब 55 से 60 किलोमीटर लंबी यात्रा सुबह तड़के शुरू हुई और देर शाम करीब 8 से 9 बजे बसना पहुंचकर संपन्न हुई।
सांसद ने दिखाई भगवा झंडी
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ उड़ीसा के बरगढ़ जिले में स्थित पौराणिक तीर्थ स्थल नरसिंहनाथ से हुआ। यहां शिवभक्तों ने पवित्र जल कांवड़ में भरा। यात्रा को बरगढ़ सांसद प्रदीप पुरोहित ने भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्य यजमान एवं प्रथम सेवक के रूप में विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्वयं कांवड़ अपने कंधे पर उठाई और श्रद्धालुओं के साथ यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा से पूर्व विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि सावन का अंतिम सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। उन्होंने क्षेत्र और छत्तीसगढ़ में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा सामाजिक एकता, आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
झांकियों और भजनों ने बांधा समां
बसना राइस मिल से शिव मंदिर तक कांवड़ यात्रा का दृश्य बेहद आकर्षक रहा। एक समान परिधान में सजे हजारों शिवभक्त हाथों में कांवड़ लेकर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूप में सजे कलाकारों की झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
डीजे, धुमाल, डमरू और ढोल की भक्तिमयी धुनों पर शिवभक्त जमकर झूमे। यात्रा मार्ग के विभिन्न चौराहों पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया।
शिव मंदिर में हुआ जलाभिषेक और महाभंडारा
रात्रि में बसना के ऐतिहासिक शिव मंदिर पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने नरसिंहनाथ से लाए गए पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं विधिवत रुद्राभिषेक किया। मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए भव्य महाभंडारे का आयोजन किया गया।
विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने स्वयं श्रद्धालुओं को महाभंडारे का प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के दरबार में सेवा और समर्पण सर्वोपरि है। शिवभक्तों की सेवा और उन्हें महाप्रसाद वितरित करने से मिलने वाली आत्मिक शांति अतुलनीय है।
आयोजन में भाजपा पदाधिकारियों, नीलांचल सेवा समिति के सदस्यों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।








