श्रद्धा एवं समर्पण की प्रतिमूर्ति माता राजिम: लिलेश साहू

रायपुर। प्रदेश संयोजक सामाजिक विजन लिलेश साहू ने प्रदेशवासियों को राजिम भक्तिन माता जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी और साहू ने कहा कि धर्मनिष्ठा और कर्मठता की प्रतीक राजिम माता के नाम पर छत्तीसगढ़ की धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी राजिम का नाम पड़ा है,छत्तीसगढ़ का राजिम अब केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि तीन नदियों के साथ विभिन्न संस्कृतियों,सम्प्रदायों का संगम स्थल बन गया है,उन्होंने कहा कि भक्तिन तेलिन माता का त्याग,तपस्या और सत्कर्म हमें हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। वर्तमान राजिम प्राचीन काल में पद्मावतीपुरी के नाम से जाना जाता था,इसे कमल क्षेत्र भी कहा जाता था। साहू ने कहा कि साहू समाज एक प्रगतिशील समाज है,हम सबको राजिम भक्तिन माता एवं माता कर्मा के बताए संदेशों का अनुसरण करना होगा। राजिम माता ने जिस साहू समाज को अपनी मेहनत और त्याग से संगठित किया,आज वह समाज शिक्षा,कृषि व व्यवसाय सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है और दूसरे समाज भी उनका अनुसरण कर रहे है,जैसा प्रयागराज का महत्त्व है,उसी तरह छत्तीसगढ़ के लिए राजिम का भी महत्व है। साहू समाज एक संगठित समाज के रूप में जाना जाता है,यह समाज अन्य समाज को भी दिशा दे सकता है,आज साहू समाज सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण है।