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गरियाबंद: मैनपुर आश्रम परिसर में कीचड़-गंदगी से बिगड़ी बच्चों की सेहत, प्रशासन मौन
कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी, आश्रम परिसर बना गंदगी का केंद्र

- गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर नगर स्थित बालक एवं कन्या आश्रम छात्रावास परिसर में लंबे समय से फैली कीचड़, गंदगी और दुर्गंध अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है। परिसर में जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे यहां अध्ययनरत सैकड़ों आदिवासी बच्चे बीमार पड़ने लगे हैं।स्थिति यह है कि बच्चों को कीचड़ और गंदे पानी के बीच से गुजरकर स्कूल आना-जाना पड़ रहा है, वहीं मध्याह्न भोजन भी इसी दूषित वातावरण में करना पड़ रहा है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ है।एक ही परिसर में संचालित हैं चार आश्रम छात्रावासमैनपुर नगर के इस परिसर में—पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावासपोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावासप्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावासआदिवासी बालक आश्रमसहित कुल चार आश्रम-छात्रावास संचालित हैं, जहां 500 से अधिक आदिवासी बच्चे निवास कर पढ़ाई कर रहे हैं।पिछले एक वर्ष से परिसर चारों ओर से कीचड़ और गंदे पानी से घिरा हुआ है। रसोई से निकलने वाला पानी भी इसी जलभराव में मिल रहा है, जिससे तेज दुर्गंध फैल रही है और वहां कुछ मिनट ठहरना भी मुश्किल हो गया है।बीमारियों का खतरा बढ़ा, खेलकूद पूरी तरह बंदगंदगी और मच्छरों के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।आए दिन बच्चों को अस्पताल ले जाना पड़ रहा है।परिसर में जलभराव के कारण खेलकूद और शारीरिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो चुकी हैं, जिससे बच्चों का शारीरिक-मानसिक विकास भी प्रभावित हो रहा है।कलेक्टर के निर्देशों की भी अनदेखीस्थानीय जनप्रतिनिधियों व नगरवासियों ने जब इस गंभीर समस्या से जिला कलेक्टर भगवान सिंह उईके को अवगत कराया, तो उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया था।कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह के भीतर नाली निर्माण और जलनिकासी के निर्देश दिए थे।इसके बावजूद आदिम जाति कल्याण विभाग एवं स्थानीय अधिकारियों द्वारा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसे कलेक्टर के आदेश की सीधी अवहेलना माना जा रहा है।ब्लॉक कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनीआश्रम परिसर की बदहाल स्थिति को लेकर ब्लॉक कांग्रेस मैनपुर ने कड़ा रुख अपनाया है।ब्लॉक अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव एवं महामंत्री गेंदु यादव ने चेतावनी दी है कि—“यदि 24 घंटे के भीतर आश्रम परिसर से कीचड़-गंदगी हटाने और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो ब्लॉक कांग्रेस एवं युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।”उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों के फोटो के साथ प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।क्या सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश?यह सवाल भी उठ रहा है कि जब राज्य सरकार के पास आश्रम, स्कूल और छात्रावासों के लिए बजट की कमी नहीं है, तो फिर अस्थायी नाली निर्माण तक क्यों नहीं कराया जा रहा?स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ट्राइबल एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी कई बार निरीक्षण कर आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि कुछ अधिकारी जानबूझकर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।क्या
क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में आदिम जाति कल्याण विभाग गरियाबंद के सहायक आयुक्त लोकेश्वर पटेल ने बताया—“वर्तमान में कीचड़-गंदगी की सफाई और नाली निर्माण के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। बजट प्राप्त होने के बाद ही समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकेगा।”



