सड़क के लिए बजट भी, ठेकेदार भी, फिर काम क्यों नहीं? ग्रामीणों ने उठाए सवाल
बसना। सड़क निर्माण के लिए 242.69 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, ठेकेदार भी तय है और काम पूरा करने की समय-सीमा भी निर्धारित है। इसके बावजूद बसना से धुमाभांठा तक सड़क का पुनर्निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 12 मई 2026 को काम शुरू होना था, लेकिन पांच महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क पर निर्माण कार्य नजर नहीं आ रहा। अब 25 नवंबर 2026 तक काम पूरा करने की समय-सीमा नजदीक है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि 8.660 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण तय समय में कैसे पूरा होगा?
राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर बसना से खटखटी, सराईपतेरा, गधाभांठा और दुर्गपाली होते हुए धुमाभांठा तक जाने वाले इस मार्ग की हालत खराब है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दौरान गड्ढों में पानी भरने से आवागमन और मुश्किल हो गया था। वर्तमान में भी ग्रामीणों और राहगीरों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।
जर्जर सड़क से विद्यार्थियों का सफर जोखिम भरा
इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज जाने के लिए बसना आते-जाते हैं। सड़क पर बने गड्ढों के कारण दोपहिया वाहनों से आवागमन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बरसात में स्थिति और खराब हो गई थी, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लोगों को अब तक राहत नहीं मिल सकी है।
इस मार्ग से दर्जनों गांवों के ग्रामीण नियमित रूप से आवागमन करते हैं। विद्यार्थियों के अलावा नौकरीपेशा लोगों, किसानों और अन्य राहगीरों को भी खराब सड़क के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है।
242.69 लाख की स्वीकृति, 12 मई से शुरू होना था काम
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने बसना से धुमाभांठा तक 8.660 किलोमीटर लंबी पक्की डामरीकृत सड़क के पुनर्निर्माण के लिए 242.69 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। निर्माण कार्य का ठेका सारंगढ़ के मेयर्स मनोज कुमार केडिया को दिया गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, निर्माण कार्य 12 मई 2026 से शुरू होकर 25 नवंबर 2026 तक पूरा होना था। सड़क के लिए पांच वर्ष का संधारण दायित्व भी निर्धारित किया गया है। लेकिन काम शुरू होने की तारीख बीत जाने के बावजूद निर्माण नहीं होने से अब समय-सीमा में काम पूरा करने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब पांच महीने से अधिक समय तक काम शुरू नहीं हुआ, तो बचे हुए समय में सड़क का पुनर्निर्माण कैसे पूरा होगा? निर्माण में देरी के लिए कौन जिम्मेदार है और अब तक संबंधित विभाग ने क्या कार्रवाई की है, यह भी स्पष्ट होना बाकी है।
2009-10 में 317.68 लाख से बनी थी सड़क
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बसना से धुमाभांठा तक 9.300 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण वर्ष 2009-10 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 317.68 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। इसके बाद इसी लंबाई के मार्ग पर डामरीकरण और सीसी सड़क उन्नयन के लिए 167.33 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसका ठेका मेयर्स रत्ना खनिज उद्योग, रायपुर को दिया गया था। यह कार्य 11 जुलाई 2018 को शुरू हुआ और 10 जुलाई 2023 को पूरा किया गया।
वर्तमान में सीसी सड़क की स्थिति ठीकठाक होने के कारण 8.660 किलोमीटर हिस्से में डामरीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए 242.69 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। हालांकि, नई स्वीकृति के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने से लोगों की परेशानी बरकरार है।
दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
सड़क की बदहाली और निर्माण में देरी को लेकर टीकम दास, चंदन दास, रितेश दास, गणेश साव, मधुसूदन प्रधान, दिनेश साव, राजकुमार भोई, भूषण दास, तपरंजन शामल, मनोज सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण की उम्मीद में लोगों ने स्वीकृति के बाद जल्द काम शुरू होने की आस लगाई थी। लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं होने से परेशानी कम होने के बजाय बनी हुई है। लोगों ने मांग की है कि काम जल्द शुरू कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
उपअभियंता बोले- एक सप्ताह में शुरू होगा काम
निर्माण कार्य में देरी को लेकर उपअभियंता ललित सिन्हा ने बताया कि बरसात के कारण सड़क का पुनर्निर्माण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। इस संबंध में ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आगामी एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
अब देखना होगा कि विभाग के इस आश्वासन के बाद सड़क निर्माण वास्तव में कब शुरू होता है और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा हो पाता है या नहीं। फिलहाल बसना से धुमाभांठा मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बदहाल सड़क से राहत मिलने का इंतजार है।


