
आरंग। क्षेत्र में सोमवार को रुक-रुक कर हुई मूसलाधार बारिश के बाद एक बार फिर कोल्हान नाला उफान पर आ गया। नारा गांव के समीप कोल्हान नाले पर बने रपटे (पुल) के ऊपर करीब दो फीट से अधिक पानी का तेज बहाव होने के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
सुबह से दोपहर तक आवागमन बाधित रहने से दोनों छोर पर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह 9 बजे से बंद हुआ रास्ता, जोखिम से बचते दिखे लोग
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 9 बजे नाले का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया और देखते ही देखते पानी पुल के ऊपर से बहने लगा।
बहाव इतना तेज था कि किसी ने भी वाहन निकालने का जोखिम नहीं उठाया। आवागमन ठप होने के चलते दफ्तर, स्कूल और जरूरी काम से निकले लोगों को घंटों पुल के दोनों ओर खड़े होकर पानी उतरने का इंतजार करना पड़ा। वहीं, कई राहगीरों को मीलों लंबा चक्कर काटकर वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। दोपहर बाद जब पानी का स्तर कम हुआ, तब जाकर आवागमन बहाल हो सका।
दो माह में चौथी बार बने ऐसे हालात
स्थानीय ग्रामीणों ने रोष जताते हुए बताया कि पिछले करीब दो महीने के भीतर यह चौथा मौका है, जब हल्की से मध्यम बारिश में ही कोल्हान नाला उफान पर आ गया और मार्ग बंद हो गया।
हर बार बारिश होते ही नाले का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाता है, जिससे क्षेत्र का संपर्क टूट जाता है। लगातार बन रही इस स्थिति से ग्रामीणों में असुरक्षा और चिंता का माहौल है।
पुल की ऊंचाई बढ़ाने की उठी मांग
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। नाले पर बना पुल काफी नीचे है, जिसके कारण बारिश का पानी तुरंत ऊपर आ जाता है।
स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए पुल की ऊंचाई बढ़ाई जाए या यहां नए उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि हर साल बारिश के दिनों में लोगों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।







