
बसना। भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 को मैं देश के समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक व दूरदर्शी कदम मानता हूँ।
यह बजट तीन प्रमुख ‘कर्तव्यों’ — नागरिकों के प्रति कर्तव्य, युवाओं के प्रति कर्तव्य और राष्ट्र निर्माण के प्रति कर्तव्य — से प्रेरित होकर तैयार किया गया है, जो देश के हर वर्ग को आगे बढ़ने का समान अवसर प्रदान करेगा।
यह बजट युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप प्रोत्साहन और नवाचार को मजबूती प्रदान करता है, जिससे युवा शक्ति को नई दिशा और आत्मनिर्भर भविष्य मिलेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किए गए प्रावधान समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे।
संसाधनों की सर्वव्यापी पहुँच, ग्रामीण एवं शहरी विकास, एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी नागरिक विकास की दौड़ में पीछे न छूटे।
यह बजट वास्तव में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूल मंत्र को साकार करता है।
मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और माननीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने देश को विकसित भारत की ओर अग्रसर करने वाला जनहितकारी और दूरदर्शी बजट प्रस्तुत किया है।
यह बजट निश्चित रूप से भारत को आर्थिक रूप से मजबूत, सामाजिक रूप से सशक्त और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



