बसना। छत्तीसगढ़ राज्य मानस संगठन, युवा रामायण समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम बम्हनीडीह में विकासखंड स्तरीय संत गोस्वामी तुलसीदास जयंती श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई।

मानस की चौपाइयों और भजनों से पूरा गांव राममय हो उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मानस प्रेमी, ग्रामीणजन एवं विभिन्न मानस मंडलियों के सदस्य शामिल हुए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत महासमुंद के अध्यक्ष मोगरा पटेल रहीं। अध्यक्षता जिला पंचायत महासमुंद की कृषि सभापति देवकी दीवान ने की। विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य मानस संगठन जिला महासमुंद के जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार चौहान, ग्राम गौटिया रत्थूराम दीवान, मनोहर दीवान, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिछिया के प्राचार्य भोगसिंह दीवान, पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत खोकसा, भाजपा मंडल भंवरपुर के कोषाध्यक्ष सोमनाथ पटेल तथा पूर्व कलेक्टर केएल चौहान सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीरामचंद्र जी की पूजा-अर्चना एवं संत गोस्वामी तुलसीदास जी के तैलचित्र पर श्रद्धापूर्वक पूजन के साथ हुआ। इसके बाद विभिन्न मानस मंडलियों ने रामचरितमानस की चौपाइयों और भजनों की भक्तिमय प्रस्तुति दी।

प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र, मर्यादा, धर्म, त्याग और मानव जीवन के संस्कारों का संदेश दिया गया। कृषि सभापति देवकी दीवान ने कहा कि संत गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। रामचरितमानस आज भी समाज को सत्य, धर्म, संस्कार, मर्यादा और सद्भाव की राह दिखाने वाला महान ग्रंथ है।

मुख्य अतिथि मोगरा पटेल ने कहा कि कठिन परिस्थितियों और संघर्षों के बीच संत तुलसीदास जी ने रामचरितमानस जैसे महान महाकाव्य की रचना की। सरल और जनभाषा में लिखी रामचरितमानस ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया। यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला संस्कार और जीवन-दर्शन है।
समारोह में राम संदेश मानस परिवार लोहड़ीपुर, दिव्य ज्योति मानस परिवार नौगेड़ी, गोकुल मानस परिवार पुरुषोत्तमपुर, श्री राघव मानस परिवार दर्राभाठा-नवागढ़, श्रोता मानस मंडली कुरमाडीह, श्री राम कृपा मानस मंडली सरायपाली-भुलका, सीमा मानस मंडली भंवरपुर, भक्ति गंगा मानस मंडली जमनीडीह, जय मां सरस्वती मानस मंडली बिरनडबरी एवं मानस मंडली बीरकोल ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
आयोजन को सफल बनाने में लहाराम कर्ष, संतराम निषाद, आत्माराम सिदार, नंदन साव, पूर्व सरपंच भोगसिंह दीवान सहित युवा रामायण समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन शिक्षक नंदकुमार चौहान ने किया। समापन पर शैलेन्द्र कुमार चौहान ने सभी अतिथियों, मानस मंडलियों, ग्रामीणजनों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।