गरियाबंद में अनोखी पहल: शादी के बाद भी मायके से जुड़ा रहेगा नाता, इस ग्राम पंचायत में हर विवाहित बेटी को मिल रहा शगुन

हाइलाइट्स:
- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की ग्राम पंचायत घटौद में सरपंच की शानदार पहल।
- गाँव की हर विवाहित बेटी को पंचायत की ओर से 1000 रुपये की सम्मान राशि।
- सरपंच दिनेश नेताम का संदेश- “बेटियां समाज की शान, सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी।”
- इस अनूठी पहल की पूरे जिले में हो रही है जमकर चर्चा और सराहना।
खबरी न्यूज टीम मैनपुर | गरियाबंद
समाज में आज भी कई जगह बेटियों को शादी के बाद ‘पराया धन’ मान लिया जाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो इस पुरानी सोच को तोड़ रही है। जिले की ग्राम पंचायत घटौद ने महिला सशक्तिकरण और बेटियों के सम्मान में एक ऐतिहासिक और अनोखी पहल शुरू की है। इस पंचायत में अब गाँव की हर विवाहित कन्या को सम्मान स्वरूप 1000 रुपये की राशि भेंट की जा रही है, ताकि विदाई के बाद भी मायके से उनका जुड़ाव और अपनापन कायम रहे।
सरपंच की सोच ने पेश की मिसाल
इस सराहनीय अभियान की शुरुआत ग्राम पंचायत घटौद के सरपंच और सरपंच संघ के उपाध्यक्ष दिनेश नेताम ने की है। उनका उद्देश्य बेटियों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और यह संदेश देना है कि बेटियां कभी पराई नहीं होतीं। जब विवाहित बेटियां गाँव आती हैं, तो पंचायत की ओर से उन्हें यह शगुन राशि देकर सम्मानित किया जाता है।
‘बेटियां हैं समाज की शान’
इस नई पहल के बारे में सरपंच दिनेश नेताम कहते हैं, “बेटियां हमारे समाज की शान होती हैं और उनका सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ हमने ग्राम पंचायत में यह कदम उठाया है, जिससे बेटियों के प्रति सम्मान और अपनापन का संदेश पूरे समाज में फैल सके।” उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि बेटियों के प्रति गाँव का प्रेम और आशीर्वाद है।
ग्रामीणों में उत्साह, दूसरी पंचायतों को मिल रही प्रेरणा
ग्राम पंचायत घटौद के इस कदम की ग्रामीणों और आस-पास के क्षेत्रों में काफी सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह की पहल से न सिर्फ समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले की अन्य ग्राम पंचायतें भी इससे प्रेरणा लेकर ऐसे सामाजिक कार्य कर सकेंगी।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
सम्मान राशि वितरण के इस विशेष कार्यक्रम में गाँव के कई गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से राजकुमार नेताम, केशर नेताम, पंचायत सचिव शिवरतन नेताम, उपसरपंच बिसाहू सिन्हा और पिलेश्वरी नेताम शामिल थीं। उपस्थित ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी पंचायत स्तर पर ऐसे सकारात्मक सामाजिक कार्य होते रहेंगे।



