
महासमुंद । उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव शनिवार को महासमुंद प्रवास पर रहे। जिला मुख्यालय के लोहिया चौक में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में उन्होंने जिलेवासियों को 31 करोड़ 60 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के समग्र, संतुलित और तेज विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने प्रदेश की दशा और दिशा बदलने की दिशा में काम किया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के शहरों को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाना है।
महासमुंद के नए बस स्टैंड के लिए 6.50 करोड़
उपमुख्यमंत्री ने महासमुंद के नए बस स्टैंड को आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड के रूप में विकसित करने के लिए 6 करोड़ 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं नए नगरीय कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपये की घोषणा की गई।
उन्होंने कहा कि महासमुंद को आने वाले समय में देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने नागरिकों से शहर की स्वच्छता और गौरव को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
468 विकास कार्यों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति
अरुण साव ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 12,666 करोड़ रुपये के पुल-पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महासमुंद जिले में भी विभिन्न विकास कार्यों के लिए 468 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क और अधोसंरचना विकास को लगातार गति दी जा रही है तथा महासमुंद के विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।
उन्होंने युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेश में 38 नालंदा परिसर स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी। साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि मिलने और केंद्र की गारंटियों को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन
कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। साहू सदन के पास 25.07 लाख रुपये की लागत से डोम शेड का निर्माण होगा। वहीं 240.67 लाख रुपये की लागत से सूखे एवं गीले कचरे के प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना तथा मौजूदा संयंत्रों के उन्नयन का कार्य किया जाएगा।
15वें वित्त आयोग के अनटाइड ग्रांट के तहत 58.22 लाख रुपये की लागत से पेवर ब्लॉक, सीसी रोड, आरसीसी नाली और ट्यूबलर पोल के कार्य होंगे। अधोसंरचना मद से 127.85 लाख रुपये की लागत से 15 विकास कार्य कराए जाएंगे।
महासमुंद क्षेत्र में 1,275.62 लाख रुपये की लागत से इंटरसेप्शन एवं डायवर्सन ड्रेन सहित एसटीपी निर्माण तथा उसके संचालन-संधारण का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 29 और 11 में 440.98 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय जलागार एवं अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे।
सड़क निर्माण के तहत नयापारा-अछरीडीह मार्ग पर 164.90 लाख रुपये की लागत से 1.20 किलोमीटर सड़क का निर्माण, लहंगर से पीढ़ी मार्ग पर 466.19 लाख रुपये की लागत से 3 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा कौंदकेरा से बनसिवनी मार्ग पर 360.17 लाख रुपये की लागत से 3 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य किया जाएगा।
महासमुंद को नगर निगम बनाने की मांग
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में महासमुंद के विकास को प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने बताया कि गौरव पथ और तुमगांव रोड का निर्माण जारी है, जबकि नहर लिंकिंग रोड स्वीकृत हो चुका है।
नगर पालिका अध्यक्ष निखिल कांत साहू ने विकास कार्यों की सौगात के लिए उपमुख्यमंत्री का आभार जताते हुए बढ़ती आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए महासमुंद नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मांग रखी। उन्होंने आधुनिक बस स्टैंड और नए नगर पालिका भवन की मांग भी रखी।
कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।



