
रायपुर। बस्तर संभाग में नक्सलवाद समाप्ति की घोषणा के बावजूद फिलहाल सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहेगी। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. के अनुसार, करीब 40 हजार केंद्रीय बल के जवान अभी क्षेत्र से नहीं हटाए जाएंगे और अगले छह महीनों तक हालात का आकलन किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि के बाद रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बस्तर में 10 नए थाने खोले जाएंगे।
इन थानों में बस्तर फाइटर्स के चार हजार से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी। जिन थानों में बल की कमी है, वहां भी इन जवानों को भेजा जाएगा। बस्तर फाइटर्स में टीआई से लेकर विभिन्न स्तर के पुलिसकर्मी शामिल हैं।
नक्सलवाद में कमी के बाद भी केंद्रीय बल जंगलों में गश्त जारी रखेंगे। उनका मुख्य कार्य अब छिपाए गए हथियारों की खोज, बम निष्क्रिय करना और गांवों में जनजागरण अभियान चलाना होगा। साथ ही मुख्यधारा में लौट चुके नक्सलियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जिलों में नए थाने खोलने की स्वीकृति दी है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा ढांचे को और मजबूत किया जा सके।



