
रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन हस्तियों को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। जशपुर के जागेश्वर, नारायणपुर जिले के पारंपरिक औषधीय वैद्य हेमचंद मांझी और रायगढ़ के कथक नर्तक रामलाल बरेठ को पद्मश्री मिलेगा। अबूझमाड़ के जंगलों में पाई जाने वाली बेशकीमती और कारगर जड़ी-बूटियों के ज्ञाता नारायणपुर के श्री हेमचंद मांझी को भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है।
जानिए कौन है जशपुर के जागेश्वरजशपुर जिले के भीतरघरा गांव निवासी जागेश्वर राम यादव बिरहोर जनजाति के लिए काम करते हैं। वे ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से प्रसिद्ध है। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बुलाने पर वे नंगे पाव ही चले गए थे। दरअसल जागेश्वर साल 1989 से इस जनजाति के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने जशपुर में आश्रम की स्थापना की।उन्होंने शिविर लगाकर निरक्षरता उन्मूलन और स्वास्थ्य सेवा मानकों को ऊंचा उठाने के लिए काम किया है। उनके प्रयासों से कोरोना के दौरान टीकाकरण की सुविधा, झिझक को दूर करने से शिशु मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिली। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनका जुनून सामाजिक परिवर्तन लाने में सहायक रहा।