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जिले के 29 निजी अस्पतालों में भी मिलेगी ABHA कार्ड बनाने की सुविधा

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महासमुंद। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत महासमुंद जिले का चयन मॉडल जिला के रूप में किया गया है। इस पहल के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सोमवार को जिला पंचायत महासमुंद के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विभिन्न प्रावधानों, उद्देश्यों एवं कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव एवं राज्य स्तरीय टीम के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के विभिन्न घटकों, उनकी उपयोगिता तथा मॉडल जिला बनाने की कार्ययोजना की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल हेल्थ सिस्टम लागू होने से मरीजों, अस्पतालों एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

कार्यशाला में बताया गया कि आयुष्मान भारत योजना से सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों के उपचार की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी होगी।

मरीज के भर्ती होने से लेकर जांच, दवा, उपचार एवं डिस्चार्ज तक की समस्त जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा मरीजों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेंगे।

कार्यशाला के दौरान हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने की जानकारी दी गई। इसके माध्यम से अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में संरक्षित रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अस्पताल में आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधकों एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि महासमुंद को मॉडल डिजिटल हेल्थ जिला बनाने के लिए सभी संबंधित संस्थानों को युद्धस्तर पर कार्य करना होगा।

कार्यशाला में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत अब जिले के सभी निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों में भी आभा (ABHA) कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध थी। आभा कार्ड बनने के बाद मरीज की एक डिजिटल हेल्थ आईडी तैयार होगी, जिसमें उसके उपचार, जांच, दवाइयों तथा चिकित्सकीय इतिहास का संपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे मरीजों को बार-बार कागजी दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी तथा उपचार प्रक्रिया और अधिक सरल एवं सुविधाजनक होगी।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रमुख लाभ मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। भर्ती से डिस्चार्ज तक की प्रत्येक प्रक्रिया डिजिटल रूप से दर्ज होगी। जिले के 29 निजी अस्पतालों में भी आभा कार्ड बनाया जाएगा। उपचार में पारदर्शिता एवं निगरानी बढ़ेगी। फर्जी क्लेम एवं रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों की संभावना कम होगी।

मरीजों को कागजी दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
कार्यशाला में संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. बसंत माहेश्वरी, जिला नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना डॉ. वी.पी. सिंह, नर्सिंग होम एक्ट के जिला नोडल अधिकारी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि एवं जिला क्रियान्वयन इकाई के सदस्य उपस्थित रहे।

mahipal sao

वर्ष 2025 में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। इसके पश्चात पत्रकारिता के… More »

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