ग्राम पंचायत अमाड़ में उबाल: प्रशासन से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों का चक्का जाम का ऐलान

गरियाबंद: उदंती टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित अमाड़ ग्राम पंचायत के सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार 21 अप्रैल को सुबह से राष्ट्रीय राजमार्ग-130सी पर जुगाड़ बैरियर नाका के पास चक्का जाम करने जा रहे हैं। यह प्रदर्शन प्रतीकात्मक रूप से किया जाएगा ताकि प्रशासन पट्टा बहाल नाला पर बन रही पुलिया के निर्माण को शीघ्र पूरा कराए।

प्रदर्शन में स्कूली बच्चे अपनी यूनिफॉर्म में शामिल होंगे। ग्रामीणों ने 15 दिन पहले गरियाबंद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था और हाल ही में फिर से याद दिलाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।अमाड़ ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच पुस्तम सिंह मांझी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग के तहत करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस पुलिया का काम ठेकेदार द्वारा कई दिनों से बंद कर दिया गया है। पुरानी रपटा को तोड़ दिया गया था, लेकिन अब केवल मिट्टी-रेत का अस्थायी रास्ता बना हुआ है, जो मानसून में बह जाएगा।उन्होंने चेतावनी दी कि बरसात शुरू होते ही अमाड़, देवझर अमली और कुमकोट गांवों की कनेक्टिविटी पूरी तरह कट जाएगी। गर्भवती महिलाएं, स्कूली बच्चे, मरीज और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी।ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य वजह वन विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) न लेना है। पीएमजीएसवाई विभाग ने टेंडर जारी करने से पहले वन विभाग से कोई पत्राचार नहीं किया। अब टेंडर प्रक्रिया के बाद डीजीपीएस सर्वे कराया जा रहा है।प्रदर्शनकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रशासन द्वारा पुलिया निर्माण, सड़क और बिजली व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाए जाने तक चक्का जाम जारी रहेगा।नरहरि सोरी, वीर सिंह, मदन यादव, सुकनाथ नेताम, गौतम मरकाम, डींगर, पीलाराम मरकाम, टीकचंद, बालाराम, दुलार सिंह, मानसिंह और गोपाल राम जैसे स्थानीय नेता गांव-वार लोगों को जुटा रहे हैं ताकि आंदोलन सफल हो।
