परंपरा, सम्मान और एकता का संगम बना बम्हनी का नुवाखाई सम्मेलन

बसना। बाबा बिसाशहे कुल कोलता समाज शाखा सभा आरंगी के तत्वावधान में ग्राम बम्हनी में नुवाखाई पर्व के अवसर पर भव्य नुवाखाई सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों, युवाओं और महिलाओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर पारंपरिक पर्व का उत्साह साझा किया।
सम्मेलन में जिला पंचायत सदस्य एवं कोलता समाज युवा प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष मोक्ष कुमार प्रधान विशेष रूप से शामिल हुए। समाजजनों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
आयोजन के दौरान सामाजिक एकजुटता, शिक्षा, संस्कार, युवाओं की भूमिका तथा संस्कृति और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
नुवाखाई ने जोड़ा संस्कृति और समाज से
वक्ताओं ने कहा कि नुवाखाई केवल नए अन्न के सेवन का पर्व नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी, परंपरा, इष्टदेव, बुजुर्गों और सामाजिक जड़ों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। यह पर्व समाज में भाईचारे, प्रेम और सद्भाव को मजबूत करने के साथ सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का काम करता है।

सम्मेलन में समाज की प्रगति के लिए शिक्षा और संस्कार के साथ युवाओं की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहते हुए आधुनिक शिक्षा और नए अवसरों की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।
प्रतिभाओं का सम्मान, युवाओं को मिला प्रोत्साहन
सम्मान समारोह के दौरान शिक्षा, सामाजिक सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को मंच देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को पहचान और सम्मान मिलने से नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी तथा बेहतर कार्य करने की भावना विकसित करते हैं।
मोक्ष कुमार प्रधान बोले- एकता ही समाज की ताकत
कार्यक्रम में मोक्ष कुमार प्रधान ने समाजजनों को नुवाखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सामाजिक शक्ति एकता, आपसी भाईचारे और संस्कारों में निहित है। नुवाखाई जैसे पर्व लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ एक मंच पर आने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर समाज को विकास की दिशा में आगे ले जा सकती है। उन्होंने युवाओं से संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ शिक्षा एवं सामाजिक सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाज में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें पहचानने, प्रोत्साहित करने और उचित मंच उपलब्ध कराने की है। प्रतिभाओं का सम्मान इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बुजुर्गों का अनुभव, युवाओं का उत्साह बना आकर्षण
बम्हनी में आयोजित समारोह में आसपास के गांवों और क्षेत्रों से समाज के लोग पहुंचे। बुजुर्गों के अनुभव, युवाओं का उत्साह और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को सामाजिक एकता का स्वरूप दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बिजेपुर विधायक शनत गढ़तिया, कोलता समाज अध्यक्ष गिरधारी साहू, संरक्षक हरिचरण प्रधान, व्यासदेव भोई सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
नुवाखाई सम्मेलन ने सामाजिक मेल-जोल के साथ संस्कृति, सम्मान और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया। आयोजन में उमड़ी सहभागिता ने समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जुड़ाव को सामने रखा।



