अमरकोट धान उपार्जन केंद्र : डेढ़ करोड़ की गड़बड़ी में दो आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद। जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र अंतर्गत अमरकोट धान उपार्जन केंद्र में हुए बड़े आर्थिक घोटाले का पुलिस ने खुलासा करते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में शासन को करीब 1 करोड़ 65 लाख 80 हजार 908 रुपए की क्षति पहुंचाई गई थी।
जानकारी के अनुसार, 20 मई 2025 को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर के अमृत लाल जगत द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायत में अमरकोट धान खरीदी केंद्र में वर्ष 2024-25 के दौरान भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। भौतिक सत्यापन के दौरान कुल 14,221 बारदानों के मुकाबले 11,416 बोरी धान कम पाई गई, जिससे बड़े पैमाने पर गबन का मामला सामने आया।
जांच में सामने आया कि प्रति बोरा 40 किलो के मानक के अनुसार कुल 4566.40 क्विंटल धान की कमी थी। जिसकी कीमत 3100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से लगभग डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई।
इस गंभीर अनियमितता के लिए केंद्र प्रभारी कार्तिकेश्वर यादव, बारदाना प्रभारी तेजराम पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर राजेन्द्र पटेल को जिम्मेदार पाया गया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस दौरान आरोपी राजेन्द्र पटेल ने 2 फरवरी को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि अन्य दो आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।
सरायपाली पुलिस द्वारा लगातार दबिश और तकनीकी जांच के आधार पर 3 अप्रैल को कार्तिकेश्वर यादव और तेजराम पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई से जिले में धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर एक कड़ा संदेश गया है।



