
रायपुर। भीषण गर्मी और उमस से परेशान छत्तीसगढ़वासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं।
अगले तीन से चार दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही 11 जून से प्रदेशभर में बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। वहीं 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में सक्रिय है और इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में मानसून आगे बढ़ सकता है।
प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों का भी असर देखने को मिलेगा। पंजाब से पश्चिम बंगाल तक बनी द्रोणिका, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण और विदर्भ तक फैली अन्य द्रोणिका के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है। इसी के प्रभाव से बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान अंबिकापुर में सबसे अधिक 2 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा रायगढ़, बलरामपुर, सरगुजा, गरियाबंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कई क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम के और अधिक सक्रिय रहने की संभावना जताई है।


