12वीं के बाद अब नहीं थमेगी पढ़ाई! अमलीपदर में खुलेगा सरकारी कॉलेज, डॉ. मनीष सिन्हा की पहल पर शासन ने शुरू की प्रक्रिया

खबरी न्यूज ब्यूरो
मैनपुर/गरियाबंद। दूरस्थ आदिवासी अंचल अमलीपदर के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उम्मीद जगी है। 12वीं के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए मैनपुर और गरियाबंद का रुख करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को अब अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा का अवसर मिल सकता है।अमलीपदर में नवीन शासकीय महाविद्यालय की स्थापना को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। भाजपा जिला मंत्री एवं झांकरपारा मंडल प्रभारी डॉ. मनीष सिन्हा की पहल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष रखे गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने उच्च शिक्षा संचालनालय को प्रस्तावित स्थल का परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. सिन्हा के प्रयास से प्रस्ताव ने पकड़ी रफ्तार डॉ. मनीष सिन्हा ने भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर की अनुशंसा के साथ मुख्यमंत्री को अमलीपदर में शासकीय महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव सौंपा था। अब शासन स्तर पर प्रस्ताव की जांच और स्थल परीक्षण की प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्र में कॉलेज खुलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
दूरी की वजह से छूट जाती थी पढ़ाई अमलीपदर और आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के कई विद्यार्थी 12वीं के बाद उच्च शिक्षा जारी नहीं रख पाते। कॉलेज दूर होने के कारण आर्थिक और आवागमन संबंधी परेशानियां उनकी पढ़ाई में बड़ी बाधा बनती हैं।
डॉ. मनीष सिन्हा ने कहा कि अमलीपदर में कॉलेज खुलना केवल एक शिक्षण संस्थान की स्थापना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य को बदलने वाला कदम होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर डिग्री कॉलेज मिलने से ग्रामीण और आदिवासी अंचल के बेटे-बेटियों को डॉक्टर, शिक्षक और अधिकारी बनने का सपना पूरा करने का बेहतर अवसर मिलेगा।उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल चंद्राकर का आभार जताते हुए कहा कि सरकार जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द ही अमलीपदर को शासकीय महाविद्यालय की सौगात देगी।
