18 दिन की सख्ती के बाद झुके तस्कर: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 6 सागौन तस्करों व शिकारियों ने किया सरेंडर

गरियाबंद | 27 जून उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन अपराधों पर शिकंजा कसते हुए वन विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र के ग्राम साहेबिनकछार से जुड़े छह सागौन तस्करों और शिकारियों ने विभागीय कार्रवाई के दबाव में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपियों के कब्जे से सागौन की अवैध लकड़ी, लकड़ी काटने के औजार, शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे, धनुष-बाण तथा वन्यजीवों के अवशेष बरामद किए गए
वन विभाग के अनुसार, 9 जून को गांव में संदिग्ध व्यक्तियों के घरों और बाड़ियों की तलाशी के दौरान छह आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में सागौन, साल और बीजा की लकड़ी के स्लीपर व लट्ठे, शिकार के उपकरण तथा वन्यजीवों से जुड़े अवशेष मिले थे। इसके बाद सभी के खिलाफ अलग-अलग वन अपराध प्रकरण दर्ज किए गए।

जांच के दौरान तीन आरोपियों को 15 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जबकि शेष तीन आरोपियों को 22 जून को गिरफ्तार कर अगले दिन अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सभी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और छत्तीसगढ़ काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
6 सागौन तस्करों शिकारियों का सरेंडर. वन अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल अवैध सागौन तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए भी एक सशक्त संदेश है। अभियान में वन अमले, सुरक्षा श्रमिकों और डॉग स्क्वॉड की भी अहम भूमिका रही।


