कलश स्थापना आज, मां शैलपुत्री की आराधना से शुरू होगा शारदीय नवरात्र
नौ दिनों तक देवी मंदिरों और पंडालों में गूंजेंगे जयकारे, कलश स्थापना के लिए सुबह से दोपहर तक शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार से हो रहा है। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी।
इस पर्व को लेकर घरों, मंदिरों और देवी पंडालों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भक्त नौ दिनों तक माता की आराधना कर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।
नवरात्र को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। पूजा सामग्री, लाल चुनरी, नारियल, शृंगार के सामान, मिट्टी के कलश और फल-फूल की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है।
वहीं, मंदिरों और देवी पंडालों को आकर्षक लाइटों, फूलों और रंग-बिरंगे कपड़ों से सजाया जा रहा है। नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक आयोजनों, भजन-कीर्तन और जागरण से माहौल भक्तिमय रहेगा।
मां शैलपुत्री की पूजा से होगी शुरुआत
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। भक्त कलश स्थापना कर नौ दिनों की पूजा का संकल्प लेंगे। इसके बाद प्रतिदिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाएगी।
माता के हाथी पर आगमन की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार रविवार से नवरात्र शुरू होने के कारण माता का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। हाथी को सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में माता के दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना के लिए सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक शुभ मुहूर्त बताया गया है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां दुर्गा की आराधना शुरू कर सकते हैं।



