बाबा कार्तिक उरांव के नाम पर होगा अंबिकापुर इंजीनियरिंग कॉलेज, CM विष्णुदेव साय ने किया प्रतिमा का अनावरण

रायपुर, 29 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय समाज के महान जननायक, प्रख्यात अभियंता एवं पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनकी आदमकद प्रतिमा का वर्चुअल माध्यम से अनावरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर का नाम बदलकर ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री निवास, रायपुर से आयोजित कार्यक्रम में सीएम साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सामाजिक चेतना और जनजातीय समाज के स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और समाज व राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
सीतापुर को 28 करोड़ से अधिक की फोरलेन सड़क की सौगात
मुख्यमंत्री ने सरगुजा अंचल में विकास कार्यों को गति देते हुए सीतापुर क्षेत्र में सोनतराई से सूर तक लगभग 3.82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना पर 28 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। सड़क निर्माण से सीतापुर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पुलिसकर्मियों के लिए नए आवासीय भवनों का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा निर्मित विभिन्न भवनों का लोकार्पण भी किया। इनमें उदयपुर स्थित महिला एनजीओ मेस भवन, 12 अराजपत्रित अधिकारी आवास, 12 प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक आवास तथा थाना सीतापुर में 12 प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक आवासीय भवन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों और जवानों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इन भवनों से पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
शिक्षा और जनजातीय अधिकारों के लिए समर्पित रहा बाबा कार्तिक उरांव का जीवन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव उच्च शिक्षित अभियंता होने के साथ जनजातीय समाज के अधिकारों के सजग प्रहरी थे। उन्होंने शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता, संगठन और सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
लोकसभा सांसद के रूप में उन्होंने जनजातीय समाज की समस्याओं और अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव का मानना था कि शिक्षा, संगठन और जागरूकता के माध्यम से समाज अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नाम पर स्थापित होने वाला तकनीकी संस्थान विद्यार्थियों को शिक्षा, संघर्ष और समाजसेवा की प्रेरणा देगा।
जनजातीय महापुरुषों की विरासत को सहेजने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के महानायकों की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाना और उनके योगदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना आवश्यक है। बाबा कार्तिक उरांव और काका लरंग साय जैसे जननायकों का जीवन सामाजिक उत्थान, जनसेवा और जनजातीय समाज के सशक्तीकरण के लिए समर्पित रहा है।
कार्यक्रम में जनजातीय विकास मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और सांसद चिंतामणि महाराज ने भी बाबा कार्तिक उरांव के योगदान को याद किया। इस अवसर पर विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, विधायक रामकुमार टोप्पो, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।



