तेलीबांधा शूटआउट मामले में गैंगस्टर मयंक सिंह 9 जनवरी तक जेल भेजा गया

रायपुर। तेलीबांधा शूटआउट मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। शूटआउट की सुपारी देने वाले कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को कोर्ट ने 9 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद मंगलवार को रायपुर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, हालांकि पुलिस ने रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की।
पुलिस का दावा है कि चार दिन की पूछताछ के दौरान मयंक सिंह ने तेलीबांधा फायरिंग को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस अब इन बयानों की तस्दीक और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
मयंक सिंह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि झारखंड के कुख्यात अमन साव गैंग का बेहद भरोसेमंद और खतरनाक गुर्गा माना जाता है।
उसका नाम तब और चर्चा में आया जब उसके तार लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ जैसे अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों से जुड़ने लगे। मयंक मुख्य रूप से कोयला अंचल और बड़े कंस्ट्रक्शन कारोबारियों से वसूली का नेटवर्क संभालता रहा है।
पुलिस के अनुसार मयंक सिंह जेल के भीतर रहते हुए भी व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कारोबारियों को धमकाकर लेवी वसूलता था। रायपुर में हुई तेलीबांधा फायरिंग भी इसी वसूली नेटवर्क से जुड़ी हुई बताई जा रही है।
मयंक की बेखौफ मानसिकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 16 जून 2024 को जब उसके कुछ साथी गिरफ्तार हुए थे, तब उसने छत्तीसगढ़ की मीडिया को धमकी भरा ई-मेल तक भेज दिया था।
पुलिस अब मयंक के संपर्कों, डिजिटल गतिविधियों और फंडिंग नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।


