गरियाबंद में नशे के खिलाफ सख्त अभियान, अवैध शराब-ड्रग्स कारोबार पर कलेक्टर का कड़ा रुख


जिले में नशे के खिलाफ अब और सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी। जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनकॉर्ड) समिति की बैठक में प्रशासन ने अवैध शराब, नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी विभागों को कड़े निर्देश दिए। साथ ही सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर भी सख्त रुख अपनाने की बात कही गई।
कलेक्टर बीएस उइके और पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नशामुक्ति अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हाईवे किनारे ढाबों, संदिग्ध स्थानों और अवैध शराब बिक्री केंद्रों पर लगातार छापामार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मेडिकल स्टोर्स में बिना अनुमति नशीली एवं शेड्यूल दवाओं की बिक्री रोकने तथा सभी दवा दुकानों में सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर दायरे में घोषित नो-टोबैको जोन का सख्ती से पालन कराने और कोटपा अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने समाज कल्याण, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को मिलकर ऐसे क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने को कहा, जहां नशे की समस्या अधिक है। जरूरतमंद लोगों को नशामुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने और स्कूल-कॉलेजों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की भी रणनीति बनाई गई।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के लंबित कार्यों में तेजी लाने, सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं की समस्या के समाधान और गौधाम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। हेल्पलाइन नंबर 1033 और 1100 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं पहनने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक तथा हिट एंड रन मामलों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
प्रशासन का कहना है कि नशामुक्ति और कानून के सख्त पालन के लिए जिले में लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखकर सुरक्षित और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सके।

