गरियाबंद पुलिस का 18 साल पुराना शिकंजा: 2008 से फरार स्थायी वारंटी नागपुर से गिरफ्तार, तीन जिलों में दर्ज हैं केस

गरियाबंद, 26 जून। लगभग 18 वर्षों तक कानून की आंखों में धूल झोंकने वाला एक स्थायी वारंटी आखिरकार गरियाबंद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वर्ष 2008 से फरार चल रहे आरोपी नौशाद अली को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर पुलिस ने लंबे समय से लंबित एक महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। आरोपी के खिलाफ गरियाबंद के अलावा दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान गठित टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि नौशाद अली नागपुर में पहचान छिपाकर रह रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद गरियाबंद पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर पहुंचकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा और विभिन्न स्थानों पर अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी से न केवल गरियाबंद बल्कि राजनांदगांव और दुर्ग जिले में दर्ज मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है।पुलिस का कहना है कि जिले में फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने की कोशिश करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने इसे पुलिस की सटीक सूचना तंत्र, सतर्कता और समन्वित कार्रवाई का परिणाम बताया।


