छत्तीसगढ़

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: गरियाबंद में कांग्रेस का केंद्र पर हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

गरियाबंद: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कथित आरोपों को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को गरियाबंद में केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्मृति ठाकुर ने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच, फॉरेंसिक ऑडिट और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित प्रेस वार्ता में स्मृति ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने श्रद्धा के साथ आर्थिक सहयोग दिया था। उनका कहना था कि यदि चढ़ावे, चंदे या वित्तीय प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार की कथित अनियमितता के आरोप सामने आए हैं, तो उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना आवश्यक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान जनता से चंदा जुटाने वाले लोग अब इन आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने से बच रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल वित्तीय जवाबदेही का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास और आस्था से जुड़ा विषय है।पत्रकार वार्ता के दौरान स्मृति ठाकुर ने तीन प्रमुख सवाल भी उठाए।

उन्होंने पूछा कि यदि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की पहल और निगरानी में हुआ था, तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही कौन तय करेगा। उन्होंने ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे का भी उल्लेख करते हुए सवाल किया कि यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो इन घटनाक्रमों के पीछे क्या कारण रहे। साथ ही उन्होंने पूछा कि यदि कोई गड़बड़ी नहीं हुई, तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है।कांग्रेस की ओर से मांग की गई कि पूरे मामले की न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। इसके अलावा राम मंदिर से जुड़े चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और व्यय का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

पार्टी ने कथित रूप से जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की भी मांग की।अपने संबोधन के अंत में स्मृति ठाकुर ने कहा कि “भगवान श्रीराम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं। यदि उनके नाम पर जुटाए गए धन में किसी प्रकार की कथित अनियमितता हुई है, तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।”पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा सहित मंज धूरू, रमेश शर्मा, माहेश्वरी शाह, छगन यादव, अवधेश प्रधान, अमित मीरी, श्रद्धा राजपूत, चमन साहू, सुरेखा नागेश, खिलेश्वरी ध्रुव, राजकुमारी सोनी, दीप्ति यादव, मंजू देवांगन, यामीन खान, संदीप सरकार, अवधराम यादव, मुकुंद कुकरेजा, योगेश बघेल और परमजीत कौर सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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