छत्तीसगढ़

उदंती के अंधेरे गांवों में लौटेगी रोशनी: 15 साल बाद 40 सोलर संयंत्रों के नवीनीकरण को मिली हरी झंडी

चक्का जाम और लगातार जनदबाव के बाद बदली तस्वीर; CREDA ने शुरू की सोलर सिस्टम अपग्रेड की प्रक्रिया

गरियाबंद | मैनपुर.उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के दूरस्थ वनांचल में बसे ग्रामीणों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर सामने आई है। वर्षों से खराब पड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों के कारण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर 40 से अधिक गांवों में अब बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) ने पुराने सोलर पैनल, बैटरी बैंक, इन्वर्टर और अन्य आवश्यक उपकरणों को बदलने की स्वीकृति दे दी है। ग्रामीणों ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

वर्षों से अंधेरे में गुजर रही थीं रातें उदंती के राजापड़ाव क्षेत्र के गांवों में स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र पिछले कई वर्षों से अपनी क्षमता खो चुके थे। बैटरियां जवाब दे चुकी थीं, सोलर पैनल कमजोर पड़ गए थे और कई स्थानों पर इन्वर्टर भी खराब हो चुके थे। परिणामस्वरूप शाम होते ही अधिकांश गांव अंधेरे में डूब जाते थे। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों और मरीजों की देखभाल के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा था।

आंदोलन के बाद तेज हुई कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद क्षेत्रवासियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर लगभग 14 घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर समस्या के समाधान की मांग भी उठाई। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया तेज हुई और CREDA ने सोलर सिस्टम के व्यापक नवीनीकरण को मंजूरी प्रदान की।

पहले चरण में 40 सोलर संयंत्रों का होगा आधुनिकीकरण योजना के प्रथम चरण में उदंती राजापड़ाव क्षेत्र की 14 ग्राम पंचायतों के लगभग 40 सौर ऊर्जा संयंत्रों का उन्नयन किया जाएगा। इसके तहत पुराने सोलर पैनल, बैटरी बैंक, इन्वर्टर और कंट्रोल सिस्टम को बदलकर नई तकनीक से लैस किया जाएगा। संबंधित कार्यों के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद मरम्मत और स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इन गांवों को मिलेगा सीधा लाभ पहले चरण में साहेबिन कछार, नागेश, करलाझर, कोदोमाली, गौरगांव, लाटापारा, झोलाराव, गरहाडीह, बोरईडीह, मोंगराडीह, कोचेंगा, भांठापानी, गरीबा, गांजीमुड़ा, बरगांव (कुरूभांठा), डूमरपड़ाव, जांगड़ा, बरगांव (कोकड़ी), कोकड़ी, नगबेल, छिन्दभर्री, तौरेंगा, जुगाड़, बुड़गेलटप्पा, डूमरघाट, रक्षापथरा, आमामोरा, ओड़ तथा कमार भौंदी सहित अन्य गांवों के सोलर संयंत्रों का नवीनीकरण किया जाएगा।

शेष गांवों के लिए भी तैयार हो रहा प्रस्ताव CREDA की ओर से बताया गया है कि जिन गांवों को पहले चरण में शामिल नहीं किया गया है, उनके लिए भी शासन स्तर पर अतिरिक्त बजट की मांग भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही वहां भी इसी प्रकार सौर ऊर्जा प्रणाली के नवीनीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।

ग्रामीणों ने इसे बताया जनएकता की जीत। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों तक अंधेरे में रहने के बाद अब उम्मीद जगी है कि गांवों में पूरी रात बिजली उपलब्ध हो सकेगी। किसान संघर्ष समिति और जय अंबेडकरवादी युवा संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह संघर्ष जनएकता की ताकत का परिणाम है। यदि ग्रामीण एकजुट होकर अपनी मांग नहीं उठाते, तो समस्या का समाधान संभव नहीं हो पाता।

बेहतर होगी शिक्षा, सुरक्षा और ग्रामीण जीवन CREDA के अधिकारियों के अनुसार नए उपकरण स्थापित होने के बाद गांवों में रात के समय लगभग 8 से 10 घंटे तक नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, ग्रामीण सुरक्षा और दैनिक जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।

क्षेत्रवासियों ने जताया आभार सौर ऊर्जा परियोजना के नवीनीकरण की स्वीकृति मिलने पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि शेष गांवों में भी जल्द ही इसी तरह बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।

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