टूटा पुल बना हादसे की वजह, लेकिन डायल-112 बनी जीवनरक्षक: छुरा-कोसमबुड़ा मार्ग पर घायल बाइक सवार को समय पर मिली नई जिंदगी

गरियाबंद। सड़क पर मौजूद खतरे कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, लेकिन समय पर मिली मदद कई बार जिंदगी और मौत के बीच का फासला तय कर देती है। ऐसा ही एक मामला गरियाबंद जिले के छुरा-कोसमबुड़ा-सारागांव मार्ग पर सामने आया, जहां टूटे हुए पुल के कारण एक बाइक सवार अचानक अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरा। गंभीर रूप से घायल युवक की जान डायल-112 की त्वरित कार्रवाई और पुलिसकर्मियों की सूझबूझ से बच गई।
सूचना मिलते ही हरकत में आई डायल-112 टीम घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 में तैनात आरक्षक यशवंत त्रिवेंद्र और वाहन चालक जगेश्वर निर्मलकर बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण बाइक चालक नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल पड़ा है।पुलिस टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकालकर बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया, ताकि उसे समय पर उपचार मिल सके।
मोबाइल से खोजे परिजन, अस्पताल पहुंचने की दिलाई सूचना घायल युवक की स्थिति को देखते हुए डायल-112 के जवानों ने मानवता का परिचय देते हुए उसके मोबाइल फोन के जरिए परिजनों से संपर्क किया। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य अस्पताल के लिए रवाना हो गए। समय पर मिली जानकारी से उपचार की प्रक्रिया भी तेजी से शुरू हो सकी।मोटरसाइकिल भी सुरक्षित निकाली गईरेस्क्यू अभियान के दौरान पुलिस टीम ने केवल घायल युवक को ही नहीं बचाया, बल्कि उसकी मोटरसाइकिल को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और जिम्मेदार कार्यशैली की सराहना की।परिजनों ने जताया आभार अस्पताल पहुंचने के बाद घायल के परिजनों ने समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए डायल-112 टीम और स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद व्यक्त किया। उनका कहना था कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती, तो हादसा और भी गंभीर रूप ले सकता था।
एसपी वेदव्रत सिरमौर की अपील
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने जिलेवासियों से अपील की है कि किसी भी सड़क दुर्घटना, आपात स्थिति या अन्य संकट की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत डायल-112 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि यह सेवा जिले में 24×7 उपलब्ध है और प्रशिक्षित पुलिस टीम हर आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए तैयार रहती है।

