सरगीगुड़ा के विशाल ने पहले प्रयास में NEET-2026 किया क्वालीफाई, दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज में मिला प्रवेश

मैनपुर। गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक के छोटे से गांव सरगीगुड़ा के होनहार छात्र विशाल कश्यप ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अभय कश्यप और एनीता कश्यप के बेटे विशाल ने पहले ही प्रयास में NEET-2026 क्वालीफाई कर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, दंतेवाड़ा में प्रवेश प्राप्त किया है। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव, मैनपुर क्षेत्र और कश्यप समाज में खुशी का माहौल है।
सेल्फ स्टडी और अनुशासन को बनाया सफलता का आधार
विशाल ने NEET की तैयारी के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान पर निर्भर रहने के बजाय स्वअध्ययन, अनुशासन और नियमित मेहनत को प्राथमिकता दी। कक्षा 12वीं की पढ़ाई उन्होंने रायपुर स्थित ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी से पूरी करते हुए मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। सीमित समय में बेहतर रणनीति बनाकर लगातार पढ़ाई करने का परिणाम उन्हें पहले प्रयास में सफलता के रूप में मिला।
उरमाल से शुरू हुआ पढ़ाई का सफर
विशाल की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर उरमाल से हुई। इसके बाद उन्होंने रायपुर में आगे की पढ़ाई पूरी की। बचपन से ही पढ़ाई में रुचि रखने वाले विशाल ने स्कूल स्तर पर भी लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने जवाहर उत्कर्ष योजना और नवोदय विद्यालय जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन किया।
पिता बोले—दृढ़ निश्चय ने दिलाई सफलता
विशाल के पिता अभय कश्यप, जो व्याख्याता हैं, ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहा है। उसका आत्मविश्वास, विषयों को समझने की क्षमता और लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय लगातार मजबूत रहा। यही खूबियां NEET की तैयारी में भी उसके काम आईं।
मां ने कहा—बेटे की मेहनत पर गर्व
विशाल की मां एनीता कश्यप, जो शिक्षिका हैं, ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि विशाल ने NEET को अपना लक्ष्य बनाकर पूरी मेहनत की। तैयारी के दौरान परिवार ने भी उसका पूरा साथ दिया। उन्होंने बेटे की सफलता का श्रेय उसकी मेहनत के साथ पिता के मार्गदर्शन को दिया और डॉक्टर बनने के आगामी सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
परिवार और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
विशाल कश्यप ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और शुभचिंतकों के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने विशेष रूप से पिता अभय कश्यप, मामा कृष्ण कुमार सोम और बड़े भाई प्रशांत कश्यप का आभार जताया। उनके मुताबिक, कम समय में NEET की तैयारी की रणनीति तैयार करने में इन सभी का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला।
विशाल ने ज्ञान गंगा एजुकेशनल एकेडमी के शिक्षकों को भी धन्यवाद दिया। वहीं परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखने के लिए उन्होंने अपनी मां के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
ग्रामीण परिवेश से मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने की प्रेरक कहानी
सरगीगुड़ा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर विशाल ने पहले प्रयास में NEET-2026 क्वालीफाई कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल किया है। उनकी यह उपलब्धि परिवार के लिए खुशी का अवसर होने के साथ क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देखते हैं। विशाल की सफलता ने यह साबित किया कि सही दिशा, नियमित अध्ययन और दृढ़ संकल्प के साथ कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।



