Follow Us on Our Social Media
छत्तीसगढ़
Trending

रजिस्ट्री होते ही नामांतरण, महीनों के इंतजार से मिली मुक्ति; ऑटोम्यूटेशन से मंगल सिंह सांडिया को राहत

Follow Us on Our Social Media

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026। जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करने की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से दूर हो रही है।

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम कोटकखर्रा, पोस्ट लालपुर निवासी मंगल सिंह सांडिया को पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से बड़ी राहत मिली है। उनकी जमीन की रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई, जिससे उन्हें अलग से कार्यालयों के चक्कर लगाने और लंबे इंतजार से मुक्ति मिली।

मंगल सिंह सांडिया ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण में कई महीने लग जाते थे। इससे संपत्ति से जुड़े अन्य कार्यों को पूरा करने में भी परेशानी होती थी। इस बार ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के कारण उनका काम रजिस्ट्री के तुरंत बाद पूरा हो गया।

ऑटोम्यूटेशन से आसान हुई नामांतरण प्रक्रिया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश में पंजीयन सेवाओं को सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग के बीच समन्वय बेहतर होता है और नागरिकों को अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करने की परेशानी कम होती है।

इस व्यवस्था से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भूमि स्वामियों को फायदा मिल रहा है। पहले नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और राजस्व कार्यालयों में बार-बार जाना पड़ता था। नई व्यवस्था से समय की बचत होने के साथ सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त करना भी सुविधाजनक हो रहा है।

मुख्यमंत्री और मंत्री के प्रति जताया आभार

नामांतरण का काम जल्दी पूरा होने पर मंगल सिंह सांडिया ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण हो जाना आम नागरिकों के लिए बड़ी सुविधा है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग हितग्राहियों से संवाद कर सरकारी सुधारों के जमीनी प्रभाव और उनके अनुभवों को सामने ला रहा है। मंगल सिंह सांडिया का अनुभव इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां तकनीक के उपयोग से समय की बचत और सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण संभव हो रहा है।

mahipal sao

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। इसके पश्चात पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर… More »

Related Articles

Back to top button