
रायपुर। सरगुजा जिले के राजपुर में नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की घटना के विरोध में चल रहा प्रशासनिक अधिकारियों का आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
शासन के साथ सकारात्मक वार्ता और मामले में हुई कानूनी प्रगति के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 4 जून 2026 से प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों को नियमित कार्य पर लौटने का निर्णय लिया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री और विभागीय सचिव के साथ हुई बैठक में संघ ने अधिकारियों की सुरक्षा, कार्यालयों में स्टाफ की कमी, न्यायिक कार्यों के लिए आधारभूत संरचना तथा लंबित प्रशासनिक मांगों को प्रमुखता से उठाया।
शासन ने इन मांगों के चरणबद्ध निराकरण का आश्वासन दिया है।
राजपुर प्रकरण में थाना सीतापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक की शिकायत पर अपराध क्रमांक 190/2026 दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध है।
नामजद आरोपी नाजिम रजा और पंकज गुप्ता पुलिस के समक्ष उपस्थित हो चुके हैं तथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी है।
संघ के प्रांताध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने इसे सकारात्मक शुरुआत बताते हुए कहा कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित मांगों के समाधान में अगले 15 दिनों के भीतर ठोस प्रगति अपेक्षित है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो संघ आगे की रणनीति पर पुनर्विचार करेगा।
संघ ने इस आंदोलन के दौरान सहयोग देने वाले विभिन्न कर्मचारी संगठनों, प्रशासनिक सेवा संघों, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया है। इससे प्रदेश में राजस्व, न्यायिक, निर्वाचन और जनगणना से जुड़े कार्यों के सामान्य रूप से संचालित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।


