
धमतरी। नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर अजीब स्थिति सामने आई है, जहां महापौर, सभापति, आयुक्त और उपायुक्त के वाहन खराब होने से अफसरों को खुद के इंतजाम से दफ्तर पहुंचना पड़ रहा है।
निगम सभापति कौशिल्या देवांगन ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचीं, वहीं महापौर रामू रोहरा भी निजी वाहन से आ रहे हैं।
बताया गया कि पिछले 25 दिनों से सभी अधिकारियों के वाहन खराब हैं और मरम्मत के लिए भेजे गए हैं। हर वाहन की मरम्मत में 1 से 2 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है।
इधर, नगर निगम को पेट्रोल-डीजल सप्लाई करने वाले पंप संचालक ने उधारी बंद कर दी है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। खर्च कम करने के लिए निगम प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की खपत में कटौती शुरू कर दी है।
पहले जहां रोजाना 350-400 लीटर ईंधन की खपत होती थी, उसे घटाकर 100-200 लीटर तक लाने की कोशिश की जा रही है। हालात सामान्य होने तक अधिकारियों को स्वयं की व्यवस्था से ही काम चलाना पड़ रहा है।


