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धान के बदले दलहन-तिलहन, रागी और मक्का की खेती अपनाने किसानों को किया गया प्रेरित

महासमुंद। खरीफ सीजन में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा किसानों को जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पंचायत चारभांठा में कृषक चौपाल का आयोजन कर किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, रागी, मक्का सहित अन्य लाभकारी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कृषक चौपाल में कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि दलहन, तिलहन, रागी और मक्का जैसी फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देती हैं। इन फसलों की खेती से भूमि की उर्वरता बढ़ती है और किसानों की आय में वृद्धि की बेहतर संभावनाएं रहती हैं।

अधिकारियों ने किसानों को शासन की फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजनाओं और आदान सहायता संबंधी प्रावधानों की जानकारी भी दी। बताया गया कि धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, रागी, कोदो, कुटकी, मक्का एवं कपास की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा, जो किसान पहले से खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती कर रहे हैं, उन्हें एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टैक पर पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि के बाद मान्य रकबे पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता मिलेगी।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की कि वे खरीफ सीजन में धान के साथ अन्य फसलों का भी उत्पादन कर खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जल संरक्षण के अनुकूल बनाएं। चौपाल में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर उन्नत खेती, बीज चयन, पोषक तत्व प्रबंधन तथा शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

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