
रायपुर। राजधानी में मौसम बदलते ही वायरल बुखार ने लोगों को जकड़ना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से शहर के छोटे-बड़े अस्पतालों और निजी क्लिनिकों में रोजाना सैकड़ों मरीज सर्दी, बुखार और सिरदर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, वायरल फीवर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे अस्पतालों की ओपीडी में भीड़ उमड़ रही है।
लक्षणों के साथ बढ़ रही परेशानी
डॉक्टरों का कहना है कि इस बार वायरल फीवर के लक्षण सामान्य बुखार से अलग दिखाई दे रहे हैं। मरीजों में तेज बुखार के साथ सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, गले में खराश और शरीर में दर्द आम तौर पर देखे जा रहे हैं। कुछ मरीजों को भूख न लगने और कमजोरी की समस्या भी हो रही है। यह वायरल संक्रमण बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर डाल रहा है। डाक्टरों ने बताया कि ज्यादातर मरीजों को तीन से पांच दिन आराम करने की सलाह दी जा रही है, लेकिन देर से इलाज कराने वाले मरीजों को लंबी परेशानी उठानी पड़ रही है।
अस्पतालों में बढ़ी भीड़
शहर के सरकारी अस्पताल से लेकर निजी क्लिनिक तक सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सिर्फ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ही रोजाना 300 से 400 मरीज वायरल फीवर के लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। वहीं निजी क्लिनिकों और जिला अस्पताल में भी मरीजों की संख्या 200 से 300 तक पहुंच रही है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि अभी तक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही बरती गई तो हालात बिगड़ सकते हैं।
मौसम और लापरवाही दोनों जिम्मेदार
जिला अस्पताल प्रभारी डॉ. संतोष भंडारी के अनुसार, लगातार बदलते मौसम और बारिश के बाद बढ़ी नमी वायरल संक्रमण के फैलने की मुख्य वजह है। वहीं लोग भी साफ-सफाई और खानपान को लेकर लापरवाह हो रहे हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें, घर में साफ-सफाई का ध्यान रखें और बाहर का खुला खाना-पीना फिलहाल टालें।