
रायपुर। टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के श्री श्री राधा रासबिहारी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना एवं शंख अभिषेक किया। साथ ही प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। गीता का कर्मयोग संदेश आज भी जीवन की चुनौतियों के बीच कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ने की राह दिखाता है।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल प्राकट्य उत्सव नहीं, बल्कि कृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर है।
धार्मिक विरासत को सहेजना प्राथमिकता
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जुड़ी है। माता कौशल्या के मायके और प्रभु श्रीराम के ननिहाल के रूप में प्रदेश की विशिष्ट पहचान है।
सरकार धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार कर नई पीढ़ी को सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के तहत करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।
50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक कारणों से कोई व्यक्ति तीर्थ यात्रा से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य में विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को देश के प्रमुख तीर्थों की यात्रा का अवसर दिया जा रहा है।
साय ने कहा कि धार्मिक पर्यटन विरासत संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं, कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है।
5 सितंबर तक चलेगा महा-महोत्सव
इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 3 से 5 सितंबर तक महा-महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। भजन-कीर्तन, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन पदाधिकारी, संतजन सहित बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे।



