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छत्तीसगढ़

गोहरापदर–उरमाल सड़क बनी जानलेवा चुनौती, गहरे गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा

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मैनपुरगोहरापदर से उरमाल होते हुए देवभोग को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण दो लेन सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। सड़क पर जगह-जगह उभर आए बड़े और गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। बारिश के बीच पानी से भरे गड्ढों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया है।

डेढ़ से दो फीट तक गहरे गड्ढे, वाहन चलाना मुश्किल स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कई हिस्सों में सड़क की हालत इतनी खराब है कि करीब डेढ़ से दो फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। अचानक गड्ढे सामने आने से वाहन असंतुलित होने और गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

मरम्मत के नाम पर मुरूम, बारिश में फिर खुल जाती है सड़क की पोलग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की स्थायी मरम्मत के बजाय कई बार गड्ढों में मुरूम डालकर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है। लेकिन बारिश होते ही मुरूम बह जाता है और कुछ ही दिनों में सड़क फिर उसी स्थिति में पहुंच जाती है। ऐसे में लोग अब अस्थायी मरम्मत के बजाय गुणवत्तापूर्ण और स्थायी सुधार की मांग कर रहे हैं।

कई गांवों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग गोहरापदर–उरमाल–देवभोग मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, कर्मचारी, विद्यार्थी और अन्य यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण सफर का समय बढ़ने के साथ वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने उठाई स्थायी मरम्मत की मांग लगातार बिगड़ती सड़क व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संबंधित विभाग से सड़क का तत्काल निरीक्षण कर गड्ढों की मरम्मत कराने और पूरे मार्ग का आवश्यकतानुसार स्थायी सुधार कराने की मांग की है।लोगों का कहना है कि यह केवल सड़क की खराबी का मामला नहीं, बल्कि रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसी बड़े हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने से बेहतर है कि अभी सड़क को सुरक्षित बनाया जाए।

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