रायपुर में ‘आदि बाजार 2026’ का शुभारंभ, 2 नवंबर तक मिलेगा जनजातीय शिल्पकारों को मंच

रायपुर। जनजातीय कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर के टाउन हॉल में ‘आदि बाजार 2026’ का शुभारंभ किया गया। जनजातीय कार्य मंत्री रामविचार नेताम ने 24 अक्टूबर को भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्रायफेड) द्वारा आयोजित इस बाजार का उद्घाटन किया। यह आयोजन 2 नवंबर 2026 तक चलेगा।
आदि बाजार में देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय शिल्पकारों, कारीगरों और कलाकारों को अपने हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिल रहा है।
जनजातीय उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जनजातीय समाज की कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से कारीगरों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिलने के साथ व्यापक बाजार भी उपलब्ध होता है।
उन्होंने कहा कि आदि बाजार जैसे आयोजन पारंपरिक कला को नई पहचान देने, विभिन्न राज्यों के कलाकारों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने और जनजातीय परिवारों की आजीविका मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर अपर प्रधान वन संरक्षक संगीता गुप्ता, ट्रायफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिल्पकार और जनजातीय कलाकार उपस्थित रहे।



