
बसना। गढ़फुलझर अंचल के ग्राम आमापाली निवासी लोकेश सिदार ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर संघर्ष के बल पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में चयनित होकर अपने परिवार और पूरे गांव का नाम रोशन किया है। लोकेश ने यह सफलता लगातार पांचवें प्रयास में हासिल की, जो उनके अटूट संकल्प और कभी हार न मानने वाले जज़्बे को दर्शाता है।
एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले लोकेश सिदार के लिए यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनके माता-पिता का आशीर्वाद, त्याग और निरंतर सहयोग सबसे बड़ा सहारा रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।
लोकेश नियमित रूप से रनिंग, व्यायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियों का अभ्यास करते रहे, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक तैयारी मजबूत बनी रही।
लोकेश की शैक्षणिक यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने वर्ष 2024 में कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ वे भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में जुटे रहे। वर्ष 2022 में उन्होंने पहली बार इंडियन आर्मी की भर्ती परीक्षा दी, जिसमें उन्हें असफलता मिली।
इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में भी उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन असफलताओं ने उनके हौसले को कमजोर करने के बजाय और मजबूत किया।
लगातार प्रयासों के बाद लोकेश ने एसएससी जीडी की परीक्षा में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की, जिसके तहत उनका चयन सीआरपीएफ में हुआ। अपनी सफलता पर लोकेश ने कहा कि यदि मन में दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो, तो किसी भी लक्ष्य को पाने में ज्यादा समय नहीं लगता।
लोकेश की इस उपलब्धि से न केवल उनके माता-पिता गौरवान्वित हैं, बल्कि पूरे ग्राम आमापाली और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो कठिन परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस देती है।



