ग्रामीणों की सतर्कता से बची दुर्लभ पैंगोलिन की जान, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में सफल रेस्क्यू

मैनपुर/गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मैनपुर तहसील के ग्राम नदीपारा में ग्रामीणों की जागरूकता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक दुर्लभ पैंगोलिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। वन विभाग ने प्राथमिक देखभाल के बाद उसके स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्वस्थ पाए जाने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
जानकारी के अनुसार ग्राम नदीपारा निवासी पुष्पराज पांडे (18), साधुराम पांडे (52), गेंदराज पांडे (15), नोहर पांडे (27) एवं पूरन यादव (24) के घर के समीप पैंगोलिन दिखाई दिया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए गेंदराज पांडे और अन्य ग्रामीणों ने तत्काल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कर्मचारी दिनेश एवं ऑपरेटर रोमी को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही कुल्हाड़ीघाट एवं तौरेंगा परिक्षेत्र की संयुक्त वन टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ पैंगोलिन का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्रारंभिक देखभाल के दौरान उसके प्राकृतिक भोजन के रूप में दीमक और चींटियों की व्यवस्था की गई। वन विभाग ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक निगरानी के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
वन अधिकारियों के अनुसार पैंगोलिन दुनिया के सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले स्तनधारी जीवों में शामिल है। यह चींटियों और दीमकों को खाकर जंगल के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इसका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।
वन विभाग ने ग्रामीणों की संवेदनशीलता और त्वरित सूचना देने की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही वन्यजीवों का प्रभावी संरक्षण संभव है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं कोई वन्यजीव दिखाई दे तो उसे पकड़ने या परेशान करने का प्रयास न करें, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।