छत्तीसगढ़

NH-130C पर 1000 ग्रामीणों का चक्का जाम: पुल निर्माण रोकने के विरोध में दिनभर धरना, प्रशासन मौके पर


गरियाबंद/मैनपुर,
जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमाड, देवझरअमली और कुम्भकोट के करीब 1000 ग्रामीणों ने पुल निर्माण कार्य पर रोक लगाए जाने के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर रात लगभग 4 बजे से शुरू होकर शाम करीब 6 बजे तक लगातार जारी रहा, जिससे मार्ग पर यातायात पूरी

तरह प्रभावित रहा।

पुल निर्माण रोकने से भड़का ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों के अनुसार पट्टाबहाल नाला पर करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले पुल के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद पुराने पुल को तोड़ दिया गया था और निर्माण कार्य प्रारंभ भी कर दिया गया था।
लेकिन बाद में वन विभाग द्वारा एनओसी (NOC) का हवाला देते हुए निर्माण कार्य को रोक दिया गया, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई।

ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण रुकने से गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क बाधित हो गया है और विशेष रूप से बरसात के मौसम में आवागमन पूरी तरह बंद होने की आशंका बनी रहती है। इसी समस्या को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और NH-130C पर चक्का जाम कर विरोध दर्ज कराया।

14 घंटे तक जारी रहा चक्का जाम

ग्रामीणों का प्रदर्शन लगभग 14 घंटे तक जारी रहा। देर रात से शुरू हुआ यह चक्का जाम दिनभर चलता रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन और पुलिस द्वारा लगातार समझाइश के प्रयास किए गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर SDM हितेश्वरी बाघे, नक्सल सेल SP धीरेंद्र कुमार, मैनपुर थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा उदंती अभयारण्य क्षेत्र के वन विभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग इंदागांव की टीम भी एहतियातन मौके पर तैनात रही।

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण नेताओं की मौजूदगी

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम आमाड के पूर्व सरपंच पुरषोत्तम मांझी ने किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम, लोकेश्वरी नेताम तथा पूर्व विधायक प्रत्याशी टिकम नागवंशी भी प्रदर्शन स्थल पर उपस्थित रहे और ग्रामीणों का समर्थन किया।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें—

  • पट्टाबहाल नाला पर पुल निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए
  • क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया निर्माण कार्य जल्द पूर्ण किया जाए
  • एससीए मद से स्वीकृत 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त विकास योजनाओं का लाभ गांवों को दिया जाए
  • ग्राम सभा द्वारा पेसा एक्ट के तहत पारित प्रस्तावों का सम्मान करते हुए निर्माण कार्य पर लगी रोक हटाई जाए
  • क्षेत्र के सभी आश्रित गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा के निर्णयों को सर्वोपरि मानते हुए विकास कार्यों में अनावश्यक बाधा नहीं डाली जानी चाहिए।

प्रशासन ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन

लंबे समय तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगों को उच्च स्तर पर पहुंचाने और जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद देर शाम ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर मार्ग को पुनः चालू किया।

वर्षों पुरानी समस्या से जूझ रहे ग्रामीण

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी हुई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा के कार्यों में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करेगा।


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