सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण, तुमगांव में 106 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच

महासमुंद। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच एवं उपचार के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया।
इस दौरान गर्भवती महिलाओं, उनके परिजनों और पतियों के साथ गोसइया सम्मेलन का आयोजन कर सुरक्षित मातृत्व और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था से होने वाली जटिलताओं और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए लोगों को जागरूक करना था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित 25 मानदंडों के आधार पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान की जाती है।
ऐसी महिलाओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष अभियान चलाया जाता है।
शिविर में कुल 106 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक उपचार और परामर्श प्रदान किया गया। साथ ही महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी जांच भी कराई गई, जिससे गर्भावस्था से जुड़ी संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव के चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर डॉ. निखिल चंद्राकर, डॉ. ज्योति साहू तथा सुरेंद्र चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम उपस्थित रही।
स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और सुरक्षित मातृत्व सेवाओं का लाभ लेने की अपील की है।
