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पहली घंटी’ के साथ कलेक्टर की दस्तक: गोदग्राम बिजली स्कूल में बच्चों से संवाद, शिक्षा की गुणवत्ता पर दिया फोकस

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गरियाबंद | 2 जुलाई जब अधिकांश स्कूलों में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत औपचारिक स्वागत कार्यक्रमों के बीच हो रही थी, तभी राज्यपाल के गोद ग्राम बिजली स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में एक अप्रत्याशित दस्तक ने पूरे परिसर का माहौल बदल दिया। जिले के कलेक्टर बी.एस. उइके बिना पूर्व सूचना के विद्यालय पहुंचे और सीधे बच्चों के बीच जाकर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत को करीब से परखा।कलेक्टर ने किसी औपचारिक समीक्षा बैठक के बजाय सबसे पहले विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने नए सत्र की शुभकामनाएं देते हुए पूछा कि सभी को पाठ्यपुस्तकें मिली हैं या नहीं, पढ़ाई को लेकर उनकी क्या योजनाएं हैं और वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस संवाद के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को अभी से प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने की सलाह दी। उनका संदेश स्पष्ट था— “सपनों को मंजिल तक पहुंचाने का रास्ता स्कूल की कक्षा से ही शुरू होता है।”निरीक्षण केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं रहा। कलेक्टर ने पुस्तकालय में पुस्तकों की व्यवस्था देखी और निर्देश दिए कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रहालय न बने, बल्कि विद्यार्थियों की नियमित अध्ययन संस्कृति का केंद्र बने। विज्ञान प्रयोगशाला में उपलब्ध संसाधनों का भी निरीक्षण किया गया और उन्हें नियमित रूप से विद्यार्थियों के प्रयोग में लाने पर जोर दिया गया।विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को भी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बताया। वर्षा ऋतु को देखते हुए व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने, लगाए गए पौधों की देखरेख सुनिश्चित करने और पूरे परिसर को हरित बनाने के निर्देश दिए।शिक्षकों के साथ हुई चर्चा में कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण करने, कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलग शैक्षणिक रणनीति तैयार करने तथा प्रत्येक छात्र की प्रगति पर सतत निगरानी रखने की बात कही। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति, समय पर पाठ्यपुस्तक वितरण, स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बना रहे।निरीक्षण के दौरान एसडीएम विशाल महाराणा, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर, जिला मिशन समन्वयक शिवेश शुक्ला, प्राचार्य आर.एन. मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे।नए शिक्षा सत्र के पहले सप्ताह में हुआ यह औचक निरीक्षण केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि यह संदेश भी था कि बेहतर शिक्षा की शुरुआत बेहतर निगरानी, प्रेरक नेतृत्व और विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद से होती है।

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